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सेवा की कहानी: मेरा शौचालय, मेरा सम्मान-स्वच्छता की पहल से तुलसी बाई के परिवार को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन…

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राजनांदगांव। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय की सुविधा ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। डोंगरगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम कोटनापानी की निवासी श्रीमती तुलसी बाई के परिवार के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। शौचालय की सुविधा उपलब्ध होने से तुलसी बाई के परिवार को खुले में शौच जाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। अब परिवार के सदस्यों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो रहा है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह सुविधा सुरक्षा, निजता और सम्मान से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करती है। परिवार में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और शौचालय का नियमित उपयोग उनकी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। श्रीमती तुलसी बाई कहती हैं कि घर में शौचालय होने से परिवार को बहुत सुविधा मिली है। अब खुले में शौच जाने की चिंता नहीं रहती। स्वच्छता से स्वास्थ्य और सम्मान दोनों जुड़े हैं। हम अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी लोगों को प्रेरित करते हैं। तुलसी बाई ने व्यक्तिगत घरेलू शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सेवा यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त की। श्रीमती तुलसी बाई कहा कि स्वच्छता की दिशा में उठाया गया एक छोटा-सा कदम परिवार के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका संदेश है – स्वच्छ परिवार, स्वस्थ परिवार और मेरा शौचालय, मेरा सम्मान। श्रीमती तुलसी बाई ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य परिवारों को भी व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के निर्माण, नियमित उपयोग और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है।