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खैरागढ़ में गूंजी शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां, श्रुति मंडल के पाक्षिक कार्यक्रम में तबला त्रयी और गायन ने बांधा समां

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खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को श्रुति मंडल समिति के तत्वावधान में पाक्षिक सांगीतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के डॉ. नरेंद्र देव वर्मा प्रेक्षागृह (परिसर क्रमांक-2) में आयोजित यह पूरा कार्यक्रम महान शास्त्रीय गायक पद्मभूषण पं. राजन मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित रहा। इस दौरान कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को सुर और ताल के अद्भुत संगम से जीवंत कर दिया।

तबला त्रयी की प्रस्तुति ने बटोरी दाद
कार्यक्रम की शुरुआत तबला त्रयी की शानदार प्रस्तुति से हुई। इसमें गौरव पटेल, मयूर विश्वकर्मा और विवेक यादव ने तीन ताल में पेशकार, कायदा, रेला और विभिन्न टुकड़ों की बेहद प्रभावशाली और सधी हुई प्रस्तुति दी। कलाकारों के हाथों से निकले नपे-तुले बोलों और लयकारी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति में लहरा पर प्रांजल रावत ने बेहद सुंदर सहयोग प्रदान किया।

राग भीमपलासी और छाया नट के सुरों से सजी शाम
कार्यक्रम के अंतिम चरण में गायन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. लिकेश्वर वर्मा ने अपने शास्त्रीय गायन से समां बांध दिया। उन्होंने राग भीमपलासी में विलंबित एकताल और राग छाया नट में द्रुत ख्याल तीनताल की मनमोहक बंदिशें पेश कर दर्शकों को शास्त्रीय संगीत की सुरमयी और आध्यात्मिक अनुभूति कराई। इस प्रस्तुति में हारमोनियम पर गायन विभाग के सहायक प्राध्यापक जगदेव नेताम, तबले पर डॉ. शिवनारायण मौरे तथा तानपुरा पर नेल्सन डैमारी एवं न्यूजम नर्जरी ने बेहतरीन सहवादन किया।

फिट इंडिया के विजेता सम्मानित, पं. राजन मिश्र को दी गई श्रद्धांजलि
सांगीतिक कार्यक्रमों के बीच, ‘फिट इंडिया कैंपेन’ के अंतर्गत आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। साथ ही, भारतीय संगीत जगत के पुरोधा पद्मभूषण पं. राजन मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके अप्रतिम संगीत योगदान का स्मरण किया गया। कार्यक्रम का सफल एवं आकर्षक मंच संचालन सुश्री झरना सिन्हा और सुश्री कुमकुम मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। इस आयोजन में संगीत, कला, खेल और श्रद्धा का अनूठा समावेश देखने को मिला।