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झारखंड के नेताओं ने निर्भया के दोषियों की फांसी के बाद जताई खुशी, कहा- बिटिया निर्भया को इंसाफ मिल गया…

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रांची. 7 साल, 3 महीने और 4 दिन के बाद वह सुबह आ ही गई, जब निर्भया सच में मुस्कुराई। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे उसके सभी दोषियों को एक साथ तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। दोषियों की फांसी के बाद झारखंड के नेताओं ने खुशी जाहिर की है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा कि सात साल बाद एक बहन को इंसाफ मिला, मां के आंसुओं को सुकून मिला, न्याय की जीत हुई, सत्यमेव जयते, संविधान जिंदाबाद।

7 साल बाद एक बहन को इंसाफ मिला, माँ की आँसुओ को सुकून मिला, न्याय की जीत हुई, सत्यमेव जयते, संविधान जिंदाबाद।

उधर, भाजपा विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्विटर पर लिखा कि बिटिया निर्भया के चारों दरिंदों को फांसी दे दी गई है। मन को शांति मिली कि आज निर्भया को हमने सच्ची श्रद्धांजलि दी है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने ट्वीट कर कहा कि निर्भया के इंसाफ की लड़ाई महज एक गुनाह की सजा दिलवाने की नहीं थी.. बल्कि उस सोच के खिलाफ भी थी, जिस सोच ने सदियों से महिलाओं के साथ दोहरा रवैया रखा। निर्भया तो नहीं रही पर आज उस बेटी के गुनाहगारों को मिली फांसी की सजा ने इंसाफ का मान रख लिया। 

निर्भया के इंसाफ की लड़ाई महज एक गुनाह की सजा दिलवाने की नही थी बल्कि उस सोच के खिलाफ भी थी जिस सोच ने सदियों से महिलाओं के साथ दोहरा रवैया रखा।
निर्भया तो नही रही पर आज उस बेटी के गुनाहगारों को मिली फाँसी की सजा ने इंसाफ का मान रख लिया।

बिटिया निर्भया के माता-पिता के जज्बे को सलाम
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट किया कि आज बिटिया निर्भया को इंसाफ मिल गया। लंबी लड़ाई लड़ने वाले उनके माता-पिता के साहस और संयम को सलाम। दरिंदो को फांसी पर लटकाये जाने के बाद आज निर्भया की आत्मा को शांति मिली होगी। 

कांग्रेस विधायक दीपिका सिंह पांडेय ने ट्वीट किया कि उस रोज वो बेबस थी, लाचार थी। लेकिन इंसाफ मजबूर नहीं हुआ। सजा सुनाने में, एक मां ने अपनी निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए सात साल की लड़ाई लड़ी है। जहां भी हो खुश रहना। गुनहगारों को मिली सजा के बाद भी तुम लौट नहीं सकती। विश्वास है कि दरिंदिगी करने वाले अब चैन से नहीं सो पाएंगे, सत्यमेव जयते।

निर्दलीय विधायक सरयू राय ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान कहा कि ये विलंबित न्याय है। न्याय प्रणाली पर भी सवाल उठता है कि ऐसे कितने छिद्र हैं जिसमें कोई समर्थ व्यक्ति चाहे तो मामले को लटका सकता है। देर आए दुरुस्त आए कि तरह निर्णय हुआ है। इसका राष्ट्रव्यापी महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा पर असर पड़ेगा। वहीं गोड्डा से विधायक अमित मंडल ने कहा कि न्याय में देर हो सकती है लेकिन इसे इनकार नहीं किया जा सकता। मर्माहत घटना घटी थी जिसने हिंदुस्तान को झकझोर कर रख दिया था। इंसाफ हुआ है। राजनीतिक मुद्दा नहीं है, लोगों से जुड़ा मुद्दा है। पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।