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हरियाणा में बुजुर्गों के लिए पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव…

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हरियाणा में बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर

चंडीगढ़, हरियाणा बुजुर्ग पेंशन अपडेट:

हरियाणा के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन को लेकर चल रही अनिश्चितता को समाप्त करते हुए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

पहला, अब बुजुर्गों को पेंशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सरकार ने हर महीने की 10 तारीख को पेंशन जारी करने का नियम लागू किया है। दूसरा, जिन 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन किसी कारणवश रोकी गई थी, उसे तुरंत बहाल कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को समाज कल्याण मंत्री कृष्ण बेदी ने साझा किया।

हर महीने की 10 तारीख को मिलेगी पेंशन

हर महीने की 10 तारीख को मिलेगी सम्मान राशि

कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने पुष्टि की है कि सरकार ने बुजुर्ग पेंशन और अन्य सहायता राशि के संबंध में सख्त कदम उठाए हैं। अब पूरे राज्य में हर महीने की 10 तारीख को पेंशन का वितरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कोई व्यक्ति पूरी तरह से अपात्र साबित नहीं होता, तब तक उसकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी। यदि कोई मामला संदिग्ध भी है, तो भी विभाग भुगतान जारी रखेगा ताकि बुजुर्गों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

एरियर की राशि 16 फरवरी तक आएगी

16 फरवरी तक खाते में आएंगे एरियर के पैसे

परिवार पहचान पत्र (PPP) के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि नवंबर महीने की रोकी गई पेंशन शनिवार को जारी कर दी गई है। दिसंबर माह का स्टेटस भी अगले 2-3 दिनों में स्पष्ट हो जाएगा। सरकार ने बढ़ी हुई पेंशन का लाभ नवंबर 2025 से पूर्वप्रभावी रूप से देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 16 फरवरी तक लाभार्थियों के खातों में एरियर जारी किया जाएगा। तीन महीने की 200 रुपये की बढ़ोतरी के अनुसार कुल 600 रुपये बुजुर्गों के खाते में आएंगे।

सत्यापन के लिए अधिकारियों को निर्देश

अधिकारी घर जाकर करें सत्यापन, पेंशन नहीं रुकेगी

सीएम नायब सैनी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उनकी अनुमति के बिना किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रोकी जाए। यदि किसी लाभार्थी की पात्रता संदिग्ध लगती है, तो मोबाइल पर संदेश भेजकर कारण बताया जाए और उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। दस्तावेज अधूरे होने पर अधिकारी स्वयं बुजुर्ग के घर जाकर सत्यापन करें। सीएम ने स्पष्ट किया है कि कागज की कमी के कारण भुगतान नहीं रुकना चाहिए।