भारत की एकता और संकट का सामना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पश्चिमी एशिया में एक महीने से चल रहे युद्ध के बीच भारत अपने नागरिकों के विश्वास के साथ इस संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि ऐसे संकट के समय में ऐसी बातें न करें जो देश के लिए हानिकारक हों।
मोदी ने कहा, “जो भारतीयों के हित में है, वही हमारी सरकार की नीति है। राजनीतिक लाभ के लिए गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं को जनता कभी माफ नहीं करती।”
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण और कार्गो हब का उद्घाटन किया, जिसमें लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा, “आज पूरी दुनिया चिंतित है, और युद्ध के कारण कई देशों में खाद्य सामग्री, डीजल और खाद का संकट उत्पन्न हो गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत इस संकट का सामना करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि आम परिवारों और किसानों पर बोझ न पड़े।
विकसित भारत की दिशा में कदम
मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए सभी का प्रयास आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर इस संकट का सामना करने की अपील की। उन्होंने संसद में इस विषय पर चर्चा की और सभी मुख्यमंत्रियों के साथ सकारात्मक बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें शांत और धैर्यपूर्वक इस संकट का सामना करना है। यह संकट वैश्विक है, लेकिन हमें अपने देश की चिंता सबसे अधिक करनी है।”
हवाई अड्डे का महत्व
मोदी ने हवाई अड्डे के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह नोएडा, अलीगढ़, आगरा और मथुरा जैसे कई जिलों को लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चार बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कहा कि यह डबल इंजन सरकार के प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना
मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि नोएडा हवाई अड्डे को 2003 में मंजूरी मिली थी, लेकिन इसे बनाने में वर्षों लग गए। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार बनी, तब ही इसका निर्माण शुरू हुआ।”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सरकारें नोएडा आने से डरती थीं, लेकिन अब यह क्षेत्र पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है।
किसानों का योगदान
प्रधानमंत्री ने किसानों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी जमीनें दीं और एथनॉल उत्पादन में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश की कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है।
मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में किसानों को बेहतर स्थिति मिली है और उनकी मेहनत से देश को राहत मिली है।
भविष्य की योजनाएं
मोदी ने कहा कि हवाई अड्डे केवल सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि ये प्रगति के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले देश में 74 हवाई अड्डे थे, जबकि अब 160 से अधिक हैं।
उन्होंने आने वाले वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना की जानकारी दी।
सरकार का विकास पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश किया है। पिछले 11 वर्षों में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे के विद्युतीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।



