चारधाम यात्रा को लेकर इस बार तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. 23 मई तक कुल 20 लाख 76 हजार 553 तीर्थयात्री चारों धामों में माथा टेक चुके हैं.
हर की ओर बढ़ते हर कदम में श्रद्धा है, हर आँख में भक्ति का भाव है और हर ओठ पर हर-हर महादेव का उद्घोष. यही दृश्य इन दिनों उत्तराखंड के चारों धामों में देखने को मिल रहा है. बाबा केदार के द्वार हों या बद्री विशाल के धाम, गंगोत्री की पावन घाटी हो या यमुनोत्री की ऊँची चोटियाँ हर जगह श्रद्धालुओं की लंबी कतारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि आस्था के आगे कोई थकान नहीं, कोई दूरी नहीं.
इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने महज 35 दिनों में वह कीर्तिमान स्थापित कर दिया है जो पिछले कई वर्षों में भी दुर्लभ रहा है. 19 अप्रैल को यात्रा के शुभारंभ से लेकर 23 मई तक कुल 20 लाख 76 हजार 553 तीर्थयात्री चारों धामों में माथा टेक चुके हैं.
केदारनाथ धाम 8 लाख से अधिक भक्तों ने लगाई हाजिरी
भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ में इस बार श्रद्धालुओं की आमद सबसे अधिक रही है. अब तक 8 लाख 11 हजार 923 भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर, जहाँ पहुँचना ही अपने आप में एक साधना है, वहाँ श्रद्धालुओं का यह तांता यात्रा की ऐतिहासिक सफलता का प्रमाण है. बद्रीनाथ धाम में 5 लाख 56 हजार 437, गंगोत्री में 3 लाख 52 हजार 162 और यमुनोत्री में 3 लाख 56 हजार 31 तीर्थयात्री अब तक दर्शन कर चुके हैं.
शनिवार को टूटा रिकॉर्ड, एक दिन में 96 हजार से अधिक दर्शन
शनिवार 23 मई का दिन चारधाम यात्रा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया. इस एक दिन में चारों धामों में 96 हजार 116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जो इस यात्रा सत्र का अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय आंकड़ा है. बद्रीनाथ में सर्वाधिक 32,219 तीर्थयात्री पहुंचे, जबकि केदारनाथ में 29,787, गंगोत्री में 17,897 और यमुनोत्री में 16,213 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया.
व्यवस्थाएं चुस्त, यात्रा सुचारु
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद यात्रा व्यवस्था पटरी पर बनी हुई है मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पहाड़ों में मौसम का मिजाज जब भी बिगड़े, प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे. उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा होने के कारण आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर तैनात हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल पूरी तत्परता से मुस्तैद हैं
हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, गूंज उठी लोकपाल घाटी
विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पंच प्यारों की अगुवाई में सिख संगत का पहला जत्था सुबह-सवेरे रवाना हुआ और जब “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारे गूँजे तो पूरी लोकपाल घाटी श्रद्धा और उमंग से भर उठी. पहले ही दिन 6 हजार 605 श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ उठाया.
यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, यह उत्तराखंड की आत्मा की अभिव्यक्ति है — जहाँ हर पत्थर में देवत्व है, हर हवा में मंत्र हैं और हर राह पर मोक्ष की आस लिए लाखों पाँव चलते जा रहे हैं.



