छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। विधानसभा के सभापति ने सदन को जानकारी दी कि 120 पुनर्वासित नक्सली विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। सभापति ने कहा कि जो लोग दशकों तक भारतीय संविधान को नहीं मानते थे, वे आज मुख्यधारा से जुड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से देखने आए हैं।
120 पूर्व नक्सली पहुंचे विधानसभा
सदन को बताया गया कि आगंतुकों में 54 महिलाएं और 66 पुरुष शामिल हैं। जैसे ही यह जानकारी दी गई, सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर गृहमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि नक्सली संगठन के शीर्ष नेता से लेकर निचले स्तर के कार्यकर्ता तक इस दल में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शीर्ष नेता अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे हुए हैं।
सदन ने तालियों से किया स्वागत
गृहमंत्री ने कहा कि जो लोग अब तक ‘गन तंत्र’ के रास्ते पर थे, वे आज ‘गणतंत्र’ की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की पुनर्वास नीति और शांति प्रक्रिया की बड़ी सफलता बताया। विधानसभा में इस अवसर को लोकतंत्र की मजबूती और समाज की मुख्यधारा में वापसी के प्रतीक के रूप में देखा गया।
बात दें की इससे पहले बीती रात छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास नया रायपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ विशेष डिनर किया। इस अवसर पर नक्सल नेता सतीश सहित लगभग 100 पूर्व नक्सली शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार इन नक्सलियों ने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया था। डिनर के दौरान नक्सलियों और सरकार के बीच मुख्य धारा में शामिल होने की प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।



