केंद्रीय कैबिनेट ने दो दिन पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज (Economic Stimulus Package) को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में कई अन्य प्रमुख फैसलों को स्वीकृति दी गई।
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केंद्रीय कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल के जरिए BharatNet क्रियान्वयन रणनीति को भी मंजूरी दे दी। इसका लक्ष्य देश के 16 राज्यों के गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाना है। मंत्रिमंडल ने 19,041 करोड़ रुपये के viability gap funding सपोर्ट को भी स्वीकृति दे दी।
टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के 16 राज्यों के 3,60,000 गांवों को कवर करने पर कुल 29,430 करोड़ रुपये की कुल लागत आएगी। इनमें viability gap funding के 19,041 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2020 के अपने संबोधन में कहा था कि 1,000 दिनों में देश के छह लाख गांवों तक ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचा दी जाएंगी। इसके बाद इस मुहिम में प्राइवेट कंपनियों को जोड़ने का फैसला किया गया। प्रसाद ने कहा कि अब तक 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से 1.56 लाख ग्राम पंचायत ब्रॉडबैंड से कनेक्ट हो चुके हैं।
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आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 3.03 लाख करोड़ रुपये की एक पांच वर्षीय सुधार आधारित रिजल्ट-लिंक्ड विद्युत वितरण योजना को भी स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने इस बाबत सूचित किया, ”हम बिजली वितरण में सुधार के लिए काफी कुछ किया है। इसे मजबूत किए जाने की जरूरत है। आज कैबिनेट ने 3.03 लाख करोड़ रुपये की एक नयी स्कीम को मंजूरी दे दी।”



