केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को ‘भारत बोधन AI कॉन्क्लेव-2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब देश के शिक्षा सिस्टम का केंद्र बनती जा रही है और इसका सही उपयोग छात्रों के ज्ञान और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में AI के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया है। इस केंद्र का उद्देश्य छात्रों में नॉलेज और इंटेलेक्चुअल एबिलिटी विकसित करना है, जिससे युवा तकनीक की मदद से अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन सकें।
मंत्री ने कहा कि अब शिक्षा में AI को क्लास-3 से यानी प्राथमिक स्तर से ही बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से पढ़ाई में शामिल किया जाएगा। उनका कहना था कि तकनीकी ज्ञान और एआई कौशल केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे छोटे बच्चों तक पहुँचाना जरूरी है ताकि वे भविष्य की मांगों के लिए तैयार हो सकें।
कॉन्क्लेव में शिक्षाविद, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI आधारित शिक्षा न केवल स्कूल और कॉलेज स्तर पर सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाएगी, बल्कि रचनात्मकता, समस्या सुलझाने की क्षमता और डेटा साक्षरता जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को भी बढ़ावा देगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पहल छात्रों के लिए नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार शिक्षकों को भी AI प्रशिक्षण दे रही है ताकि वे इस नई तकनीक को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा में AI का समावेश छात्रों को डिजिटल युग के लिए तैयार करेगा। इससे बच्चे न केवल तकनीकी ज्ञान सीखेंगे, बल्कि सिस्टमेटिक थिंकिंग और एनालिटिकल स्किल्स में भी मजबूत होंगे।
कॉन्क्लेव में यह भी चर्चा हुई कि AI शिक्षा में शामिल होने के बाद स्कूलों और कॉलेजों में इंटरैक्टिव लर्निंग, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल असाइनमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा। इससे छात्रों का सीखने का अनुभव और अधिक व्यावहारिक और रोचक बनेगा।
कुल मिलाकर, ‘भारत बोधन AI कॉन्क्लेव-2026’ का उद्देश्य भारत को AI और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इस पहल से बच्चों और युवाओं को भविष्य की मांगों के अनुसार तैयार किया जाएगा और शिक्षा प्रणाली में तकनीकी नवाचारों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।



