Home News अधिकारियों की लापरवाही से आदिवासी छात्रों का भविष्य हो रहा खराब

अधिकारियों की लापरवाही से आदिवासी छात्रों का भविष्य हो रहा खराब

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ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुंजाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाते हुए कहा है कि छिंदगढ़ ब्लॉक के पाकेला पोटा केबिन आश्रम के दर्जनों स्कूली बच्चों के बीमार होने का कारण प्रशासन व संस्था प्रबंधन की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि

शैक्षणिक संस्थानों में यह समस्या पहली बार नहीं आ रहा है विगत कई वर्षो से प्रशासन की लापरवाही से सैकड़ों मासूम बच्चों की जान चली गई। अधिकारियों की लापरवाही, कमीशनखोरी के कारण आदिवासी छात्रों की भविष्य के साथ खेला जा रहा है। वर्तमान में कई अधीक्षकों का स्थानांतरण कर गैरजिम्मेदार अयोग्य अधीक्षकों की नियुक्ति मनमानी लेन देन करके किया जा रहा है। इससे साबित होता है कि आश्रम, पोटाकेबिन छात्रावास में रहकर पढाई करने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं साथ कोई भी शारीरिक, मानसिक, स्वास्थ्य व शिक्षा की गुणवत्ता विकास पर गंभीर नहीं है बल्कि मासिक कमीशन अधिकारी तक पहुंच जाना निश्चित समय सीमा तय है। इस ओर विगत कई वर्षों से ऑल इंडिया स्टूडेन्ट फेडरेशन शासन-प्रशासन को अवगत कराते आया है लेकिन प्रशासन समस्या को गंभीरता से नही ले रहा है। जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थान छात्रावास, आश्रम, पोटाकेबिनों के 100 से 500 सीटर की संस्थानों मे एक नियमित नर्स की नियुक्ति करने, शैक्षणिक संस्थानों में शासन के निर्देशानुसार प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण करने का नियम है।आश्रम-छात्रावासों में छात्रों को स्वस्थ रखने मीनू चार्ट के आधार पर भोजन खिलाया जाना है लेकिन प्रशासन इस नियम का पालन नहीं कर रहा है। छात्रों को छात्रावास आश्रम में हरी सब्जियां खिलाया जाना चाहिए परन्तु यहां केवल दाल, आलू, बड़ी खिलाया जाता है ऐसे मे छात्रों का स्वस्थ शरीर स्वस्थ मन कहां से आएगा।