कोरबा। पतंजलि चिकित्सालय निहारिका में बच्चे रहे स्वस्थ योजनांतर्गत पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराया गया। आयुर्वेद टीकाकरण स्वर्ण बिंदु प्राशन से सैकड़ों बच्चे रहे लाभान्वित हो रहे हैं। इसका चमत्कारिक लाभ भी मिल रहा है। बच्चों के अभिभावकों ने चिकित्सक डॉ. नागेंद्र शर्मा एवं संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि संसद में ही नहीं वरन समूचे विश्व में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की बात हो रही है, वहीं कोरबा अंचल में आयुर्वेद का अलख जगाकर जनजागरण कर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के लिए जागरूकता फैला रहे हैं।
अभिभावकों ने अपने बच्चों में हो रहे परिवर्तन के बारे में बताया की बार-बार होने वाले सर्दी बुखार, सिरदर्द , किसी काम में मन नही लगना, याददाश्त की कमी, कमजोरी आदि बहुत सारी चीजों पर अप्रत्याशित लाभ हुआ है और बच्चों की कार्यक्षमता एवं क्रियाशीलता भी बढ़ गई है। डॉ. शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार बच्चों में किए जाने वाले 16 मुख्य संस्कारों में से स्वास्थ्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जो हजारों वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक टीकाकरण पद्धति है। इसका उल्लेख हमारे आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ काश्यप संहिता एवं सुश्रुत संहिता में प्रमुखता से है, जो प्राचीन समय से चला आ रहा है। अब यह संस्कार विलुप्त हो गया है जिसे पुनर्जीवित करने का प्रयास संस्थान की ओर से किया जा रहा है, जिससे स्वस्थ निरोगी समाज का निर्माण हो सके। स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार में डॉ. शर्मा के अलावा प्रतिभा शर्मा, योग शिक्षक दुर्गेश राठौर, संजय कुर्मवंशी, मनोज सोनी, चक्रपाणि पांडेय, नेत्रनंदन साहू, कमल धारिया, सिद्धराम सारथी, राकेश इस्पात, बाबा कंवर, एवं सुनीता कंवर ने योगदान दिया।



