न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले में स्थित अमेरिकी जिला अदालत ने “SEC बनाम अदाणी” मामले में एक प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस के अनुरोध को स्वीकार किया है, जो संभावित बर्खास्तगी याचिका से पहले एक महत्वपूर्ण प्रक्रियागत कदम है।
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य अमेरिकी नियामक जांच के तहत अदाणी समूह की संस्थाओं के खिलाफ मामले में मुद्दों को स्पष्ट करना और दलीलों को सुव्यवस्थित करना है।
अमेरिकी जिला अदालत ने प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ दायर मामले में प्रतिवादियों के अनुरोध पर प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस को मंजूर किया है। यह चल रही कानूनी कार्यवाही में एक महत्वपूर्ण औपचारिक कदम है। न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले में स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस जी. गराउफिस ने 7 अप्रैल, 2026 को यह आदेश जारी किया।
यह मामला ‘सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन बनाम अदाणी एट अल’ शीर्षक से जाना जाता है। इसमें अमेरिकी प्रतिभूति नियामक द्वारा अदाणी समूह से जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ आरोप शामिल हैं। अदालत के निर्देशानुसार, प्रतिवादियों ने शिकायत खारिज करने से पहले प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी।
अदालत ने दोनों पक्षों को कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था के लिए आपस में विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया है। उन्हें अदालती डिप्टी के साथ समन्वय कर प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस निर्धारित करने को भी कहा गया है। यह बैठक संभावित बर्खास्तगी याचिका पर चर्चा करने और औपचारिक प्रक्रियाओं से पहले मुद्दों को सुव्यवस्थित करने का मौका देगी।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि प्रतिवादी एसईसी द्वारा दायर शिकायत की वैधता या पर्याप्तता को चुनौती देने की तैयारी में हैं। यदि बर्खास्तगी याचिका दायर होती है, तो इसका उद्देश्य सुनवाई से पहले ही मामले या उसके कुछ अंशों को खारिज करवाना हो सकता है।
यह मामला अदाणी समूह और उसके वैश्विक व्यावसायिक हितों के साथ-साथ अमेरिकी बाजारों में संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट संस्थाओं पर नियामक जांच के निहितार्थों के कारण बारीकी से देखा जा रहा है। प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस के निर्धारण और परिणाम के बाद आगे के अपडेट अपेक्षित हैं।



