केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करने के लिए बुधवार (25 मार्च 2026) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल मिडिल ईस्ट जंग और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि केरल में उनका एक कार्यक्रम है, जिस वजह से वह सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे.
ऑल पार्टी मीटिंग में क्यों नहीं शामिल होंगे राहुल गांधी?
कांग्रेस सांसद और लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहते हैं, “मैं केरल में अपने कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाऊंगा. सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए थी, लेकिन लेकिन आपने स्ट्रक्चरल गलती कर दी है. आपने पूरा का पूरा ढांचा उड़ा दिया है और अब आप उसे ठीक नहीं कर सकते. उसको ठीक करने में बहुत समय लगेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो कर नहीं सकते. जो अमेरिका और इजरायल कहेगा पीएम मोदी वही करेंगे. वो हिंदुस्तान के हित में काम नहीं करेंगे. किसानों के हित में काम नहीं करेंगे.
‘विदेश नीति पीएम मोदी की निजी पॉलिसी बन गई’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारी विदेश नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी पॉलिसी बन गई है. अब यह एक यूनिवर्सल मजाक जैसा हो गया है. अगर हमारे प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं तो फॉरेन पॉलिसी कॉम्प्रोमाइज्ड है. हमारी क्या पोजीशन है? कोई पोजीशन नहीं है लोगों को इसका नुकसान होगा. अभी केवल शुरुआत हुई है. अभी सभी चीजों में परेशानी होगी. अमेरिका और इजरायल जो कहेगा प्रधानमंत्री मोदी वहीं कहेंगे.’ उन्होंने यह दावा भी किया कि आने वाले समय में एलपीजी, पेट्रोल को लेकर समस्या आएगी.
मिडिल ईस्ट जंग को लेकर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने मंगलवार (23 मार्च 2026) को राज्यसभा में कहा कि उन्होंने युद्ध की शुरुआत के बाद से पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो दौर में फोन पर बात की है. उन्होंने कहा, ‘हम खाड़ी के सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमारा लक्ष्य संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है. हमने संघर्ष को कम करने और होर्मुज मार्ग को खोलने के बारे में भी बातचीत की है.’



