PM Modi speech Rajya Sabha:
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इसी गंभीर हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में राज्य सभा में भारत का पक्ष मजबूती से रखा।
उन्होंने साफ किया कि भारत शांति, संवाद और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलते हुए इस वैश्विक संकट का सामना कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि भारत ने हमेशा बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि भारत लगातार Iran, United States और Israel समेत सभी संबंधित देशों के संपर्क में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसके गंभीर वैश्विक दुष्परिणाम होंगे।
पीएम बोले- गंभीर परिणाम भारत को भी भुकतने पड़ सकते हैं
तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को झकझोर दिया है। खासकर Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा।
संकट के बीच आत्मनिर्भर भारत हमारी सबसे बड़ी ताकत
संकट के बीच पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश शिपबिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यह रणनीति भविष्य के ऐसे संकटों से निपटने में मदद करेगी।
भारतीयों की सुरक्षा पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने बताया कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों पर काम कर रहे भारतीय क्रू मेंबर्स को लेकर भी सरकार सतर्क है और लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।
राज्य सरकारों से सहयोग की अपील
पीएम मोदी ने इस संकट को देश के लिए “बड़ी परीक्षा” बताते हुए राज्यों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, कालाबाजारी पर नियंत्रण और प्रवासी मजदूरों की मदद सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी है।
टीम इंडिया’ की है ये अग्निपरीक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भारत की आर्थिक रफ्तार बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तो देश इस चुनौती से भी मजबूती से बाहर निकलेगा।



