तमिलनाडु की राजनीति में TVK के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है. राज्य में स्पष्ट बहुमत या प्री-पोल गठबंधन का अभाव है, जिसके कारण राज्यपाल की भूमिका केंद्रीय हो गई है. ऐसे हालात में, राज्यपाल को यह सुनिश्चित करने के लिए विवेकाधिकार प्राप्त है कि क्या कोई पार्टी वास्तव में स्थिर सरकार बना सकती है. सर्वोच्च न्यायालय के SR बोम्मई निर्णय और उसके बाद के फैसलों ने फ्लोर टेस्ट को सरकार के बहुमत साबित करने का सबसे विश्वसनीय तरीका माना है.



