छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवाओं के विकास के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा, लेकिन फिर भी पहाड़ी कोरवा मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं. बगीचा विकासखण्ड के रोकड़ा में पहाड़ी कोरवा एवं अन्य ग्रामीण ढोढ़ी का गन्दा पानी पीने को मजबूर है. बगीचा विकासखण्ड के रोकड़ा गांव के रहने वाले पहाड़ी कोरवा पीने के पानी के लिए हर साल जद्दोजहद करते है.
मिली जानकारी के मुताबिक रोकड़ा पहाड़ी कोरवा बाहुल्य ग्राम है. इस गांव में लगा सोलर पंप सालों से खराब है. इस वजह से ग्रामीण गांव से दूर बने ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर है. ढोढ़ी का गंदा पानी पीने से कई ग्रामीण बीमार भी पड़ते है. लेकिन इसके अलावा उनके पास कोई चारा भी नहीं. पहाड़ी कोरवा इस ढोढ़ी के पानी को छानकर ही अपनी प्यास बुझा रहे है.

पहाड़ी कोरवा पीने के पानी के लिए हर साल जद्दोजहद करते है.
रोकड़ा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि कई महीनों से सोलर पंप खराब है. गांव में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. इस वजह से सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अपनी शिकायत गांव के सरपंच तक ग्रामीणों ने पहुंचाई है लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया. इस मामले में पीएचई विभाग के प्रभारी ईई कमल कंवर का कहना है कि मीडिया के माध्यम से कोरवाओं की इस समस्या का पता चला है. रोकड़ा गांव में लगा बोर धंस गया है. जल्द नए बोर का खनन किया जाएगा.



