राजनांदगांव। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत राजनांदगांव शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में 442 स्वच्छता दीदियों का अहम योगदान है। ये सभी महिलाएं डोर टू डोर घर-घर जाकर कचरा संग्रहण कर शहर को गंदगी मुक्त रखने में जुटी हैं।
शहर के 51 वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए 17 एसएलआरएम सेंटर संचालित हैं, जहां इन 442 स्वच्छता दीदियों द्वारा कचरा पहुंचाकर उसका पृथक्करण किया जाता है। स्वच्छता दीदियों को प्रतिमाह 8,000 रुपये मानदेय मिलता है, साथ ही कबाड़ी और खाद विक्रय से वे अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
स्वच्छता दीदियों की मेहनत से न केवल शहर स्वच्छ बना है, बल्कि इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। ये महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं और शहरवासियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
शहर के नागरिकों ने भी इन स्वच्छता दीदियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राजनांदगांव वास्तव में स्वच्छ और सुंदर नजर आता है।



