उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से अपनी सरकार की अपराध और कानून व्यवस्था के प्रति नीति को स्पष्ट किया है। उन्होंने पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ बल प्रयोग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि अपराधियों को गोली चलाने की स्वतंत्रता है, तो पुलिस को भी कानून के तहत उचित जवाब देने का अधिकार है।
उनका कहना है कि पुलिस को हथियार इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे अपराधियों का सामना कर सकें और कानून का पालन सुनिश्चित कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई बार अपराधियों को उसी भाषा में समझाना पड़ता है जिसे वे समझते हैं।
2017 के बाद की स्थिति और कानून व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून व्यवस्था को लेकर जनता का विश्वास बहाल करना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि पहले अपराधी कानून का मजाक उड़ाते थे और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जब उन्हें राज्य की जिम्मेदारी मिली, तो उनका सबसे बड़ा लक्ष्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना था। इसके लिए उन्होंने शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई, जिसमें कानून को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती प्रक्रिया
योगी सरकार ने राज्य में पुलिस बल को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के तहत लिखित परीक्षा की तिथियां घोषित की हैं। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी, जिसमें हर दिन दो पालियों में परीक्षा होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पद भरे जाएंगे।
युवाओं के लिए आयु सीमा में छूट
सरकार ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आयु सीमा शिथिलीकरण नियमों के तहत लिया गया है, ताकि वे युवा भी अवसर प्राप्त कर सकें जो आयु सीमा के कारण पहले बाहर रह जाते थे। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए पुलिस सेवा में आने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कानून व्यवस्था और पुलिस भर्ती का महत्व
कानून व्यवस्था किसी भी राज्य की प्रगति का आधार होती है। सरकार का तर्क है कि पुलिस को अपराध से सख्ती से निपटने के लिए सक्षम होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा राज्य का मूल कर्तव्य है। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि हर कार्रवाई कानूनी मानदंडों के भीतर, निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से हो। एक आधुनिक राज्य की पहचान केवल सख्ती से नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और संतुलित व्यवस्था से होती है।



