छत्तीसगढ़ के बस्तर में बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश लोगों के लिए आफत की बारिश बनकर बरसी है. आफत की बारिश से जगदलपुर शहर के एक वार्ड के तीन सौ घरों में ऐसा पानी घुसा कि लोग दो दिनों तक बारिश से दो चार होते रहे. तीन सौ घरों वाले वार्ड में कई मकान बारिश के चलते गिर गए तो कई अपने घर को छोड़कर कहीं चले गए, लेकिन अब तक शासन प्रशासन ने कोई सुध न वार्ड वालों की नहीं ली हैं जिसके चलते वार्ड वासियों में खासी नाराजगी है.
बस्तर में बीते एक सप्ताह से चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. सभांग मुख्यालय जगदलपुर में भी बारिश आफत बनकर बरसी. शहर के 48 वार्डो में से एक वार्ड ऐसा जहां शहर के चौबीस वार्डों का पानी लोगों के घरों में तबाही बनकर आया. दो दिन पहले पानी में डूबा रमैया वार्ड में लोग अपने घर छोड़कर जाने लगे हैं. हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. इस वार्ड में करीब आधा दर्जन के आसपास कच्चे मकान ढह गए.
स्थानीय निवासी हरिश साहू व अन्य ने बताया कि बारिश के कारण एक घर के मलबे में दबी बुजुर्ग महिला को मोहल्ले के लोगों ने बचाया. दो दिनों तक घर में घुसे पानी से निपटने की मशक्कत के बाद घरों के अंदर घुसा पानी उतरा तो लोगो गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय लोगों के मुताबिक बड़े बड़े दावे करने वाला शासन प्रशासन से लेकर नगर निगम की बाढ़ राहत के लिए बनायी गयी टीम बाढ़ के पानी में डूबे घरों का हाल जानने नहीं पहुंची. एक दूसरे के मदद करते हुए वार्ड के लोगों ने किसी तरह आफत की बारिश से मुकाबला किया.



