अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 की वैक्सीन पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) को रोकने में मदद कर सकती है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन में पुरुषों का प्रजनन अंग शिथिल हो जाता है. यूएसटूडे की खबर के मुताबिक कोविड और इरेक्टाइल डिसफंक्शन का तभी संबंध हो सकता है, जब कोरोना मरीजों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या खून की धमनियों से संबंधित कोई बीमारी हो. सामान्य परिस्थिति में ऐसा कोई शोध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि वैक्सीन लेने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है. डॉक्टर के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाता ही है.
वैक्सीन और इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कोई संबंध नहीं
दरअसल, अमेरिकी पॉप गायिका निकी मिनाज ( Nicky Minaj) ने हाल ही में अपने ट्विटर पेज पर लिखा था कि वैक्सीन लेने से पुरुषों में नपुंसकता या टेस्टिकिल्स में सूजन होने लगती है. इसके बाद से दुनिया भर के डॉक्टरों ने इसका खंडन किया. एक अध्ययन में यह भी दावा किया गया था कि इटली में 2000 से ज्यादा पुरुषों ने फोन कर इरेक्टाइल डिसफंक्शन की बात स्वीकार की. ये सभी लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके थे. यूएसटूडे की खबर के मुताबिक ऐसी कोई रिसर्च नहीं है, जिसमें यह साबित हो सके कि कोविड की वैक्सीन लेने के बाद पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या आई है.
खून के मार्ग में इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का संबंध आमतौर पर शरीर में पहले से मौजूद अन्य जटिलताओं से है. अगर व्यक्ति डायबिटिक, हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल या कोरोनरी डिजीज से पीड़ित है, तो यह खून की नली आर्टरी या इंडोथेलियन से संबंधित हो सकता है. मोटे तौर पर इसे ऐसे समझा जा सकता है कि शरीर के अंदर खून के मार्ग में अगर किसी तरह के बाधा से संबंधित कोई बीमारी है, तो ऐसे व्यक्तियों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है.
इस स्थिति में यदि कोविड हुआ है, तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन की परेशानी को बढ़ा सकता है, लेकिन अगर ऐसे व्यक्ति कोविड का टीका ले ले, तो यह परेशानी कम हो सकती है. वैक्सीन लेने के बाद बॉडी का इम्युन सिस्टम कोरोना के खिलाफ कारगर प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित करता है. इसका मतलब यह हुआ कि यदि आपने वैक्सीन ले ली है, तो आपमें कोरोना के लक्षण नहीं आएंगे. यदि आएंगे भी तो बहुत मामूली, वैक्सीन लेने के बाद हार्ट से संबंधित जटिलताएं भी कम हो सकती है.