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असम में मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़े वोटर, आदिवासी क्षेत्रों में घटे; CM की सीट पर कितने नाम हटे…

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असम के अधिकांश मुस्लिम-बहुल जिलों में मसौदा सूची की तुलना में SIR यानी विशेष पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि बहुसंख्यक आदिवासी आबादी वाले अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर गिरावट दर्ज की गई।

असम में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को प्रकाशित कर दी गई, जिसमें मसौदा सूची में शामिल 2.43 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए। यह संख्या मसौदा मतदाता सूची में शामिल नामों से 0.97 फीसदी कम है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर साझा किए गए जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 35 जिलों में से 24 में अंतिम मतदाता आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 11 में वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों में बदलाव कुछ सौ से लेकर 30,000 से अधिक तक हुआ।

तीन पहाड़ी जिलों और बहुसंख्यक आदिवासी आबादी वाले बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में मतदाताओं की संख्या में गिरावट आई है, साथ ही कामरूप और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी गिरावट आई है, जिसमें गुवाहाटी स्थित है।

असम के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के एक दिन बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनुराग गोयल ने बुधवार को कहा कि अधिकारियों ने ‘त्रुटि मुक्त मतदाता सूची’ सुनिश्चित की है। मसौदा सूची से 2.43 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में अन्य राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान इसी तरह की कमी के उदाहरणों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि जहां भी विशेष पुनरीक्षण होता है वहां मतदाताओं की संख्या में गिरावट आती है।

CM हिमंत बिस्वा सरमा क्या बोले

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में से लाखों ‘संदिग्ध मतदाताओं’ के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह तो बस शुरुआत है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान ऐसे और लोगों के नाम हटाए जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि धमकियों और डराने-धमकाने के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘संदिग्ध मतदाताओं’ के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं।