आजकल हर जगह सोलर पैनल दिख रहे हैं, लेकिन ये हर घर पर इंस्टॉल नहीं किए जा सकते. जगह की कमी से लेकर धूप न आने तक कई चीजें इसमें बाधा बन सकती हैं. सोलर एनर्जी के फायदे देखकर हर कोई अब अपने घरों पर पैनल लगवा रहा है. भले ही अब सोलर एनर्जी सिस्टम की इंस्टॉलेशन ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन ये हर घर के लिए फिट नहीं है. इसलिए अगर आप सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं तो यह देख लेना जरूरी है कि क्या आपका घर इसके लिए फिट है. दरअसल, इस सिस्टम के लिए कुछ रिक्वायरमेंट होती है. अगर रिक्वायरमेंट पूरी न हो तो पैनल लगाने में दिक्कत आ सकती है या फिर आपको अपने इस निवेश के बदले अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा. आइए जानते हैं कि सोलर पैनल लगाने से पहले घर को लेकर किन चीजों का ध्यान रखना जरूरी है.
पैनल लगाने लिए सबसे पहले देखें स्पेस
मैक्सिमम एनर्जी जनरेशन के लिए सोलर पैनल का मुंह सूरज की तरफ होना चाहिए. इसलिए सबसे पहले यह देखें कि क्या आपकी छत पर सोलर पैनल को ऐसे सेट किया जा सकता है कि उनका मुंह ज्यादा से ज्यादा घंटों तक सूरज की तरफ रहे. छत के अलावा आप ग्राउंड फ्लोर पर भी ऐसा स्पेस देख सकते हैं, लेकिन वहां दीवारों आदि के कारण सनलाइट ब्लॉक हो सकती है.
छत की कंडीशन की तरफ भी दें ध्यान
सोलर पैनल आराम से 20-25 साल तक काम कर सकते हैं. यानी एक बार इंस्टॉल करने के बाद आपको कम से कम दो दशक तक इन्हें रिप्लेस करने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में छत की कंडीशन देखना भी जरूरी हो जाता है. अगर मकानों की छत ज्यादा पुरानी है तो अगले ही कुछ सालों में इसकी कंडीशन और खराब हो सकती है. ऐसे में सोलर पैनल के पूरे सिस्टम को हटाकर दोबारा इंस्टॉल करना पड़ सकता है. वहीं अगर आपका मकान नया बना है तो आपको इस बारे में ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.
कितने घंटे रहती है सनलाइट?
सोलर एनर्जी जनरेशन का पूरा गेम ही सनलाइट पर टिका हुआ है. इसलिए इस बात को दिमाग में जरूर रखें कि आप जहां सोलर पैनल लगा रहे हैं, वहां दिन में कितने घंटे सनलाइट रहती है. अगर आपके घर के पास ऊंची बिल्डिंग, पेड़ या कोई दूसरी बाधा है तो इससे डायरेक्ट सनलाइट पैनल तक नहीं पहुंच पाएगी और पावर जनरेशन कम होगा. अगर सोलर पैनल पर पेड़ या बिल्डिंग की छाया पड़ती है तो इनकी एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है. शहरों में घरों के आसपास बनी ऊंची इमारतों के चलते यह दिक्कत ज्यादा आती है.



