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‘विकसित भारत 2047 की नई ऊर्जा हैं हमारी बेटियां’- IGDTUW के दीक्षांत समारोह में बोलीं CM रेखा

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राजधानी दिल्ली में इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (IGDTUW) का 8वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को उत्साह और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ. इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. मुख्यमंत्री ने डिग्री प्राप्त करने वाली छात्राओं को उनके कठिन परिश्रम के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया.

छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत की गौरवशाली नारी शक्ति का स्मरण किया. उन्होंने कहा, “हमारे इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और अहिल्याबाई होल्कर के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रेरणा सदैव रही है. आज वही शक्ति और साहस हमारी बेटियों में शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के माध्यम से एक नए आत्मविश्वास के रूप में दिखाई दे रहा है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की बेटियां केवल डिग्री धारक नहीं हैं, बल्कि वे ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में नवाचार और नेतृत्व की नई ऊर्जा हैं.

ये केवल डिग्री लेने वाली बेटियां नहीं हैं, बल्कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में नवाचार, नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत की नई ऊर्जा हैं।

आत्मनिर्भर होकर दूसरों को रोजगार देने वाली भी बनें बेटियां- सीएम रेखा

मुख्यमंत्री रेखा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी सशक्तिकरण’ के आह्वान को दोहराते हुए कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के विजन से पूरी तरह मेल खाती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कौशल विकास, उच्च तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप के नए अवसर पैदा कर रही है, ताकि बेटियां न केवल नौकरी पाने वाली बनें, बल्कि आत्मनिर्भर होकर दूसरों को रोजगार देने वाली भी बनें.

विकसित दिल्ली के लिए समान विकास का संकल्प- सीएम रेखा

दीक्षांत समारोह के मंच से मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित दिल्ली’ का संकल्प तभी पूरा होगा जब शहर की हर विधानसभा में समान रूप से विकास की गति दिखेगी.

सीएम रेखा गुप्ता के संबोधन की मुख्य बातें:

विशेष विकास बजट: हर विधानसभा की स्थानीय जरूरतों (सड़क, पानी, स्वच्छता, पार्क) के लिए विशेष फंड जारी किया जा रहा है.

तकनीकी सशक्तिकरण: बेटियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए संसाधनों में वृद्धि.

नवाचार और नेतृत्व: छात्राओं से आह्वान कि वे स्टार्टअप और अनुसंधान के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ का चेहरा बनें.

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण का अंत छात्राओं के प्रति विश्वास जताते हुए किया कि IGDTUW से स्नातक हो रही ये बेटियाँ अपनी तकनीकी कुशलता से दिल्ली और देश की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगी. कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्राओं को स्वर्ण पदक और डिग्रियां प्रदान की गईं, जिससे परिसर का माहौल हर्षोल्लास से भर गया.