Raghav Chadha News Live Updates: राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है. यह सभी नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. स्थापना के 12 साल के भीतर यह सबसे बड़ी बगावत है.
आम आदमी पार्टी में बड़ी फूट पड़ गई है. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha LIVE), संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल, राजेंद्र गुप्ता पार्टी छोड़ रहे हैं. दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस वार्ता की. सांसदों ने खुद को बीजेपी में शामिल करने का ऐलान किया. राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party) के दो-तिहाई सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं और तीन राज्यसभा सांसद-राघव चड्ढा, अशोक और संदीप पाठक-भी बीजेपी का दामन थाम रहे हैं.
राघव चड्ढा ने बयान देते हुए कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, लेकिन अब यह पार्टी देशहित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि “I am right man in wrong party”, इसलिए वह पार्टी से दूरी बना रहे हैं. खुद को फाउंडिंग मेंबर बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को शायद उनसे ज्यादा कोई नहीं जानता.
उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी भ्रष्टाचार खत्म करने के नाम पर बनी थी, वह अब खुद भ्रष्ट और समझौता कर चुकी है. चड्ढा ने यह भी कहा कि वह पिछले एक साल से पार्टी की गतिविधियों से दूर थे क्योंकि वह गलत कामों का समर्थन नहीं कर सकते थे. उनके मुताबिक, अब आम आदमी पार्टी पहले जैसी नहीं रही और गलत कामों के चलते वह उसके साथ नहीं रह सकते.
Raghav Chadha Live: राघव के आरोपों पर आम आदमी पार्टी की पहली प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी का ऑपरेशन लोटस राजनीति का बेहद घटिया खेल है. उन्होंने कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के अच्छे कामों को रोकने की कोशिश की जा रही है. उनके मुताबिक, बीजेपी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह मिलकर काम करने वाली आम आदमी पार्टी को बाधित कर रहे हैं और यह पंजाब की जनता के साथ धोखा है.
Raghav Chadha Live: राघव चड्ढा बीजेपी में कैसे शामिल हो पाएंगे?
राघव के बीजेपी में शामिल होने का सवाल सीधे तौर पर एंटी-डिफेक्शन कानून से जुड़ा है. भारत के एंटी डिफेक्शन लॉ, यानी संविधान की दसवीं अनुसूची के मुताबिक, अगर किसी पार्टी में टूट को वैध मान्यता देनी है और अयोग्यता (डिसक्वालिफिकेशन) से बचना है, तो उस दल के कम-से-कम दो-तिहाई सांसदों का एक साथ अलग होना जरूरी होता है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं, ऐसे में कम से कम 7 सांसदों का एक साथ समर्थन राघव चड्ढा को चाहिए होगा. तभी यह टूट कानूनी रूप से मान्य मानी जाएगी और वह बिना सदस्यता गंवाए बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. यानी कुल मिलाकर करीब 70 फीसदी राज्यसभा सांसदों का साथ आना जरूरी है, तभी दल-बदल कानून के तहत यह कदम सुरक्षित रहेगा.



