UGC विनियम 2026 पर न्यायालय का निर्णय
गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने UGC-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित 2026 के विनियमों को स्थगित करने का आदेश दिया। न्यायालय ने इन विनियमों पर कुछ आपत्तियों को उठाया, जिन्हें “सामान्य वर्गों” के खिलाफ भेदभावपूर्ण माना गया है।
न्यायालय ने सुझाव दिया कि इन विनियमों की समीक्षा के लिए एक प्रतिष्ठित न्यायविदों की समिति का गठन किया जाए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि ये विनियम प्रथम दृष्टया “अस्पष्ट” और “दुरुपयोग के लिए उपयुक्त” प्रतीत होते हैं।
एक पीठ ने तीन रिट याचिकाओं की सुनवाई की, जिनमें 2026 के विनियमों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। ये याचिकाएं मृत्युंजय तिवारी, अधिवक्ता विनीत जिंदल और राहुल दीवान द्वारा दायर की गई हैं। न्यायालय ने इन याचिकाओं पर केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को नोटिस जारी किया है, जिसका उत्तर 19 मार्च को देना है। तब तक, 2026 के विनियमों को स्थगित रखा गया है। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि इस अवधि में 2012 के यूजीसी विनियम लागू रहेंगे।



