भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के चलते छत्तीसगढ़ में हर वर्ग आंदोलित हैं। 86 हजार से अधिक मध्यान्ह भोजन रसोइयों में ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं जो छोटे-छोटे दुधमुंहे बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे भरी ठंड में सवा महीने से आंदोलित हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विगत एक महीने से अधिक समय से अनशन पर बैठे मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत को सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासन की निर्ममता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार कर्मचारियों की मांगें सुनने के बजाय बर्बरता पर उतर आई है, ये साधारण मौत नहीं, बल्कि हत्या है। पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा और रसोईया संघ की मांगों को सरकार पूरा करें।
100 दिन के भीतर सभी अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करके सत्ता में आई भाजपा की सरकार अहंकारी हो गई है, क्रूरता पूर्वक दमन पर उतर आई है। बैज ने कहा कि भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के चलते छत्तीसगढ़ में हर वर्ग आंदोलित हैं। 86 हजार से अधिक मध्यान्ह भोजन रसोइयों में ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं जो छोटे-छोटे दुधमुंहे बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे भरी ठंड में सवा महीने से आंदोलित हैं।
तूता धरनास्थल पर जानबूझकर शौचालय, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित कर दी गई है। आंदोलनकारियों को जिम्मेदार नेता, मंत्री, और विधायक से मिलने से रोका जा रहा है, धक्का-मुक्की और मारपीट की जा रही है, अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं की जा रही है। यह सरकार आंदोलनकारियों को डराने, धमकाने में लगी है, गोल-मोल जवाब देकर झूठे दावे किए जा रहे हैं।



