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ग्राम पंचायतों में उल्लास मेला का हुआ आयोजन, नवसाक्षरों की रचनात्मकता को मिला मंच

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राजनांदगांव। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में नवसाक्षरों द्वारा उल्लास मेला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नवसाक्षरों और उल्लास साक्षरता केन्द्र के शिक्षार्थियों ने साक्षरता शिक्षा को बढ़ावा देने वाले स्टॉल लगाए, जिसमें विभिन्न शैक्षिक और जीवन कौशल से संबंधित सामग्री के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया।

मेले में प्रमुख रूप से उपभोक्ता अधिकारों और जीवन कौशल पर केंद्रित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों में उपभोक्ता अधिकार जैसे सुरक्षा, सूचित होने, चुनने, सुनवाई, निवारण और शिक्षा अधिकार के बारे में जानकारी दी गई। वहीं, जीवन कौशल से संबंधित वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल, और चुनावी साक्षरता के विषय पर भी स्टॉल लगाए गए।

जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें स्वयं सीखने के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने कहा कि यह मेला नवसाक्षरों के लिए अपनी रचनात्मकता और ज्ञानवर्धन का आदान-प्रदान करने का आदर्श मंच था।

कार्यक्रम के दौरान नवसाक्षरों द्वारा ‘रिंग फेंको’, ‘वर्ण पहचानो’, ‘उंगली दौड़’, ‘पहचानों कौन’, ‘जोड़ मशीन’, ‘मेरी घड़ी तुम्हारा समय’, ‘जोड़ी बनाओ’ और ‘चित्र देखो कहानी बनाओ’ जैसी दिलचस्प गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन खेलों के माध्यम से नवसाक्षरों ने साक्षरता को और अधिक दिलचस्प तरीके से समझा।

मेला में स्कूल के छात्र-छात्राओं, ग्रामवासियों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। इस आयोजन में सफलता प्राप्त करने वाले नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षरता शिक्षा दी जा रही है। इस पहल के जरिए उन्हें संख्यात्मक ज्ञान, जीवन कौशल और दैनिक जीवन में काम आने वाली जानकारी प्रदान की जा रही है।

साक्षरता के इस आंदोलन में नवसाक्षरों का उत्साहवर्धन करने के लिए इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें और समाज में अपने योगदान को सशक्त बना सकें।