राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज 10 एकड़ में निर्मित पत्रकार आवासीय परिसर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 3 करोड़ 79 लाख 91 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस आवासीय परिसर का उद्घाटन किया और 49 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी, सम्पवेल एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए भूमिपूजन भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, “राजनांदगांव का गौरवशाली इतिहास है और आज पत्रकारों की मेहनत और एकजुटता से इस शहर में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। यह पत्रकार कॉलोनी प्रदेशभर के पत्रकारों के लिए एक प्रेरणा है।” उन्होंने कहा कि पत्रकारों का मकान उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है और इस कॉलोनी के निर्माण से 141 पत्रकारों को अपना घर मिलेगा।
पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए डॉ. रमन सिंह ने पत्रकारों की भूमिका को सराहा और कहा, “पत्रकार समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कॉलोनी उनके संघर्ष और मेहनत का प्रतिफल है।” इस कॉलोनी का नाम ‘रानी सूर्यमुखी देवी आवासीय परिसर’ रखा जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह आवासीय परिसर पत्रकारों के सामूहिक प्रयासों और सरकारी सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा, “राजनांदगांव के पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए यह साबित किया है कि एकजुट होकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।”
समाजसेवी श्री बहादुर अली ने भी इस मौके पर कहा कि यह खुशी का दिन है, क्योंकि अब 141 पत्रकार एक साथ रहकर अपने परिवार के साथ जीवन संवारने के काबिल होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि तीन साल में पूरा होने वाले घरों में एबीस की ओर से एयर कंडीशनर की सुविधा प्रदान की जाएगी।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री सचिन अग्रहरि ने बताया कि यह सब पत्रकारों के आपसी समन्वय और समझ के कारण संभव हो सका। प्रेस क्लब हाऊसिंग सोसायटी के अध्यक्ष श्री मिथलेश देवांगन ने बताया कि इस कॉलोनी में पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तेजी से काम किया जा रहा है और अगले छह महीने में यह कॉलोनी पूरी तरह विकसित हो जाएगी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, श्री प्रदीप गांधी, प्रेस क्लब के संरक्षक श्री जितेन्द्र मिश्रा, और कई अन्य गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन श्री विरेन्द्र बहादुर ने किया।
यह समारोह राजनांदगांव के पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक पल था, जिसमें उन्होंने एकजुट होकर अपने जीवन के सबसे बड़े सपने को साकार किया।



