राजनांदगांव। डोंगरगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम भालूकोन्हा में जल जीवन मिशन के तहत ऐतिहासिक बदलाव आया है। पहले जहां ग्रामीणों को पेयजल के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब यह समस्या समाप्त हो चुकी है। अब ग्राम में हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है, जो ग्रामीणों के जीवन को सरल और स्वस्थ बना रहा है।
ग्राम भालूकोन्हा में पहले पेयजल की व्यवस्था के लिए 6 हैण्डपम्प थे, लेकिन ग्रीष्म ऋतु में इनमें से अधिकांश का जलस्तर नीचे चला जाता था, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था। कई बार तो पानी की कमी और अशुद्ध जल के कारण बीमारियां फैल जाती थीं, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और समय दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ता था।
जल जीवन मिशन के तहत ग्राम में पाइपलाइन बिछाई गई, जल स्रोतों का संरक्षण किया गया और अब हर घर में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। यह परियोजना ग्राम भालूकोन्हा के ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से पूरी हुई। अब महिलाएं पेयजल के लिए दूर-दूर तक नहीं जातीं, जिससे उनके समय की बचत हो रही है। इस समय का उपयोग वे अब अपनी आजीविका बढ़ाने और बच्चों की शिक्षा में लगा रही हैं।
जल जीवन मिशन ने ग्राम में जलजनित बीमारियों में भी कमी लाई है, जिससे ग्रामीणों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। स्वच्छता और जीवन स्तर में सुधार आया है, और अब ग्राम आत्मनिर्भर और स्वस्थ बन गया है। जल जीवन मिशन ने न केवल ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार कर रहा है।
ग्राम भालूकोन्हा में जल जीवन मिशन की सफलता, ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।



