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अंबागढ़ चौकी में युवा संवाद कार्यक्रम सम्पन्न, 11 सौ से अधिक युवाओं ने लिया भाग

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डोंगरगांव। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर अंबागढ़ चौकी में सोमवार को युवा संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह रामदत्त चक्रधर उपस्थित थे, जिन्होनें युवाओं के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर मंच के माध्यम से दिये। इस युवा संवाद कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 11 सौ से अधिक युवाओं ने आयोजन में भाग लिया। साथ ही क्षेत्र के प्रबुद्धजन एवं समाजसेवी बंधु भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस संवाद कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणी युवाओं जिनमें कृषक, श्रमिक, विद्यार्थी, लोकसेवक एवं युवा व्यवसायियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके द्वारा विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं को संवाद के माध्यम से साझा किया। वहीं आयोजन के द्वितीय सत्र में श्री चक्रधर के द्वारा सामाजिक एवं राष्ट्रवाद तथा संघ के पद परिवर्तन अभियान पर व्याख्यान दिया गया।
युवा संवाद कार्यक्रम के प्रथम सत्र में कुमारी पायल तथा अन्य के द्वारा पूछे गये प्रश्न जिसमें भारत में संविधान और आरक्षण खतरे में है पर बताते हुये श्री रामदत्त जी ने आरक्षण को संवैधानिक व्यवस्था बताते हुये आरक्षण सदैव जारी रहने की बात कहीं। वहीं संविधान को खत्म करने के विषय पर उन्होंने कहा कि संविधान तो तब खतरे में था जब आपातकाल जैसी स्थिति को लागू किया गया था एवं भारत जो कि धर्म सापेक्ष राष्ट्र है ने धर्म निरपेक्ष शब्द जोड़ा गया था। इसी प्रकार ग्राम गोपलिनचुवा रोमन सिन्हा, कुदूरघोड़ा के रामेश यादव के प्रश्न वनांचल क्षेत्र में जनजाति समुदाय में अहिन्दू भावनाओं को बढ़ाये जाने तथा क्या जनजाति समाज हिन्दू नहीं है के पूछने पर सह सर कार्यवाह श्री रामदत्त ने कहा कि हम सभी प्रकृति पूजा की तथा भारत को अपनी मां मानते है, ऐसे में चाहे जनजाति भाई हो चाहे अन्य कोई सभी हिन्दू है।
उन्होंने बताया कि हम सभी की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु उपासना एक ही है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उद्गार को बताया कि धर्मांतर एवं मतान्तरण राष्ट्र के लिये घातक है। इसी प्रकार कृष्णा सोनवानी, सुकलाल निषाद, कृष्ण वल्ल्भ के द्वारा पूछे गये प्रश्न युवाओं में बढ़ता नशा तथा उससे बचाव के संदर्भ में उन्होंने बताया कि असफलता एवं अवसाद ही नशे की ओर युवाओं को आकर्षित करता है, यदि हम घर में ही अच्छे और पक्के संस्कार जैसे नशा जैसा शब्द ही समाज से खत्म हो सकता है। वहीं संघ एवं भाजपा के संबंधों पर पूछे गये प्रश्न पर उन्होंने कहा कि संघ और भाजपा दोनों की अलग-अलग धुरिया है, परंतु दोनों की विचारधारा एक ही है। जिसका लाभ भाजपा को मिलता है। उन्होंने कहा कि संघ कि सोच राष्ट्रवादी है, यदि यहीं सोच अन्य दल भी रखेंगे तो उन्होंने भी इसका फायदा मिलेगा।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने संघ के पंच परिवर्तन विषय को समझाते हुये उसकी अनिवार्यता को समाज एवं राष्ट्र के लिये क्यों आवश्यक है बताया। उन्होंने विदेशों की नकल को राष्ट्र के लिये हितकर बताते हुये कहा कि मातृभाषाएं लुप्त हो रहीं है, यह देश की संस्कृति के लिये घातक है। उन्होंने बताया कि हम सभी को स्व की भावना को जागृति कर है जिससे भारत स्वलंबी होगा और भारत सशक्त बनेगा। कार्यक्रम में प्रांत संघ चालक डॉ. प्रो. टोपलाल वर्मा, विभाग संघ चालक राजेश ताम्रकार, जिला संघ चालक चिंता राम नायक सहित बड़ी संख्या में स्वयंसवेक, समाज के लोग तथा प्रबुद्धजन उपस्थित थे।