Home छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों का रखरखाव करेगी रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों का रखरखाव करेगी रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन

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31 मार्च 2026 तक रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन को प्रबंधन का काम सौंपा जाएगा.

छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय कॉलोनियों के मेंटेनेंस और प्रबंधन को ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसके अंतर्गत बोर्ड के अधीन संचालित कॉलोनियों के रख-रखाव की जिम्मेदारी चरणबद्ध रूप से संबंधित रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को ट्रांसफर की जाएगी. यह प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी.

हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयुक्त अवनीश कुमार शरण की अध्यक्षता में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में इस सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में उन सभी कॉलोनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनका अब तक नगर निगम या स्थानीय निकायों को विधिवत हस्तांतरण नहीं हो सका है.

आयुक्त शरण ने निर्देश दिए कि ऐसी हर कॉलोनी में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि जब कॉलोनीवासी खुद अपने क्षेत्र के रख-रखाव और विकास से जुड़ते हैं, तो न केवल सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि उत्तरदायित्व और स्वामित्व की भावना भी सुदृढ़ होती है. इस उद्देश्य से संबंधित उपायुक्तों एवं कार्यपालन अभियंताओं को कॉलोनीवासियों के साथ बैठकें आयोजित कर RWA गठन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम एवं RERA प्रावधानों के अनुसार परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद निर्धारित अवधि में संधारण की जिम्मेदारी RWAs को सौंपना वैधानिक दायित्व है. हाउसिंग बोर्ड इस प्रक्रिया को सुनियोजित, समयबद्ध और विधिसम्मत तरीके से लागू कर रहा है.

प्रथम चरण में बोर्ड की कुल 32 कॉलोनियों को RWA-आधारित संधारण व्यवस्था के तहत सौंपा जाएगा. हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए विशेष प्रशासनिक दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं.

हाउसिंग बोर्ड के इस निर्णय से न केवल कॉलोनीवासियों को अपने परिवेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा, बल्कि शहरी आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सहभागिता, स्वशासन और उत्तरदायी संधारण व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी. यह पहल छत्तीसगढ़ में सशक्त सामुदायिक शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है.