बिलासपुर. कोरोना के कारण बहुत सारी शादियां अटक गई हैं। ऐसे में शादियों के लिए तमाम अर्जियां भी जिला प्रशासन की फाइलों में है। इस बीच लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में पहली शादी हुई। हालांकि इस शादी में न शहनाई बजी, न बैंड-बाजा, न मेहमान आए और न विवाह संस्कार हुए। कोर्ट की इजाजत के बाद बहुत सादगी के साथ बिलासपुर के आनंद और रायपुर की अंकिता इस बंधन में बंधे।

लाॅकडाउन के दौरान बहुत ही सादगी से गुरुवार शाम 4 बजे जिला विवाह अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में अंकिता और आनंद की शादी हुई। इस दौरान दोनों के परिवार के लोेग मौजूद रहे। वर-वधू के साथ उनके माता-पिता भी मास्क लगाकर पहुंचे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखा गया। दोनाें ने रजिस्ट्रार के यहां मैरिज रजिस्टर्ड कराई और साइन किए। इसके बाद आनंद ने अंकिता की मांग में सिंदूर भरा।

विशेष मामला मानते हुए दी गई अनुमति
अधिवक्ता हर्षमंदर रस्तोगी ने बताया कि मार्च 2020 में आनंद व अंकिता ने कोर्ट मैरिज के लिए अप्लाई किया था। शादी 8 अप्रैल को हाेनी थी। इस बीच लॉकडाउन हो गया। इसके चलते शादी स्थगित हो गई। पारिवारिक कारणों के चलते दोनों की शादी का विशेष मुहूर्त निकला था। अगर शादी टल जाती तो फिर एक साल तक नहीं हो सकती थी। इसे देखते हुए जिलाधिकारियों से अनुरोध किया गया और विशेष मामला मानते हुए उन्होंने अनुमति दी।



