Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ भाजपा ने निकाली पदयात्रा

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ भाजपा ने निकाली पदयात्रा

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राजनांदगांव। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत रविवार को शहर में पदयात्रा निकाली गई। स्टेट हाई स्कूल परिसर से शुरू हुई पदयात्रा मानव मंदिर चौक, सिनेमा लाइन और भारत माता चौक होते हुए गंज चौक पहुंची। यहां रैली सभा में बदल गई। पदयात्रा में जिलेभर से भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे कार्यकर्ताओं ने हिंसा और तोड़फोड़ के विरोध तथा लोकतंत्र के सम्मान में नारे लगाए।

गंज चौक में हुई सभा को भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, महापौर मधुसूदन यादव और अभियान के जिला संयोजक खूबचंद पारख ने संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस पर आंदोलनों के नाम पर भ्रम और हिंसा का माहौल बनाने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना उचित नहीं है। उन्होंने नेपाल, फ्रांस और बांग्लादेश की घटनाओं का उल्लेख करते हुए विपक्ष की सड़क और भीड़ की राजनीति पर सवाल उठाए।

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि राफेल, हिंडनबर्ग और लगातार चुनावी पराजयों के बाद कांग्रेस अब संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में करीब 140 करोड़ की आबादी, 96 करोड़ मतदाता और 12 लाख मतदान केंद्र हैं। यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की व्यापकता को दर्शाता है। निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और निर्बाध तरीके से संपन्न कराता है।

पांडेय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की। संविधान की प्रति लेकर घूमने वाले कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि संविधान को तार-तार किसने किया। उन्होंने कहा कि पहले ईवीएम पर सवाल उठाए गए और अब एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और जनादेश के सम्मान के मुद्दे पर जनता के बीच जाने का आह्वान भी किया।

सभा के मुख्य वक्ता भाटापारा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर ऐसा भ्रम फैला रही है, मानो यह प्रक्रिया पहली बार हो रही हो। जबकि देश में अब तक नौ बार एसआईआर हो चुका है और इनमें से सात बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी इस प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए, लेकिन कांग्रेस इसके विरोध की आड़ में देश में अराजकता फैलाना चाहती है।

शर्मा ने प्रशांत भूषण के कथित ‘रिजीम चेंज’ और नेहा बोरा के बांग्लादेश तथा नेपाल की तरह सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री चयन के दौरान नेहरू को 18 में से एक वोट मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे वोट चोरी बताया। उन्होंने 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के रायबरेली से लोकसभा निर्वाचन को निरस्त किए जाने और इसके बाद देश में लगाए गए आंतरिक आपातकाल का भी उल्लेख किया।

शिवरतन शर्मा ने कांग्रेस के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम बेवजह हटाए जाने के आरोप पर कहा कि इन नामों में 2 करोड़ 80 लाख मृत मतदाताओं के नाम हैं। छह करोड़ मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं और एक करोड़ मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज हैं। उन्होंने दावा किया कि तीन करोड़ ऐसे मतदाता भी हैं, जो दर्ज पते पर नहीं मिले और निर्धारित समय-सीमा में नाम जुड़वाने के लिए सामने नहीं आए।

शर्मा ने इन तीन करोड़ नामों को फर्जी मतदाता बताते हुए कहा कि इनके नाम मतदाता सूची से हटने पर कांग्रेस बौखलाई हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लोकतंत्र की गरिमा, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा तथा देश की एकता-अखंडता बनाए रखने के लिए सजग रहने की अपील की।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामजी भारती, जिला संगठन प्रभारी जितेंद्र वर्मा, सचिन बघेल, रमेश पटेल, योगेश दत्त मिश्रा, शशिकांत द्विवेदी, पूर्णिमा साहू, राजेंद्र गोलछा, तरुण लहरवानी, सौरभ कोठारी, डिकेश साहू, पारस वर्मा, रविंद्र वैष्णव, रमन डोंगरे, अंजू त्रिपाठी, एमडी ठाकुर, किरण वैष्णव, रेखा मेश्राम, दिनेश गांधी, मनोज निर्वाणी, रामकुमार गुप्ता, मूलचंद भंसाली, रूपचंद भीमनानी, हरीश शर्मा, राजा माखीजा, त्रिगुण टांक, मुकेश बघेल, सावन वर्मा और रघुवीर वादवा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

पदयात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी प्रभारी मधुसूदन यादव के साथ आयोजन समिति के मोनू बहादुर सिंह, किरण साहू, जागृति यदु, संजय सिन्हा, रंजीता पड़ौती, राजेश श्यामकर और देवेंद्र साहू ने संभाली। मंडल अध्यक्ष गोलू गुप्ता, सुमित भाटिया, खिलेश साहू और मनोज साहू के साथ युवा मोर्चा से चिंटू सोनकर, महिला मोर्चा से पुष्पा गायकवाड़, किसान मोर्चा से दादुराम सोनकर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा से दिलीप साहू, अनुसूचित जाति मोर्चा से गोपाल भूआर्य और अल्पसंख्यक मोर्चा से हैरी जोसेफ ने भी कार्यकर्ताओं को जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई।