Home छत्तीसगढ़ स्वामित्व योजना से मिला मालिकाना हक, हितग्राहियों के चेहरे पर आई मुस्कान…

स्वामित्व योजना से मिला मालिकाना हक, हितग्राहियों के चेहरे पर आई मुस्कान…

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– अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर श्रीमती कस्तुरी बाई ने प्रसन्नता व्यक्त की’
– ग्राम उचईपुर निवासी रूपचंद को मिला मालिकाना हक- जन समस्या निवारण’ शिविर साल्हे में हितग्राहियों को मिला अधिकार अभिलेख पत्र’

राजनांदगांव: वर्षों से अपने घर और जमीन पर निवास करने के बावजूद कानूनी दस्तावेजों के अभाव में असुरक्षा महसूस करने वाले ग्रामीणों के लिए स्वामित्व योजना आशा की नई किरण बनकर सामने आई है।

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में तहसील कुमरदा क्षेत्र के हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी।

ग्राम उचईपुर निवासी श्रीमती कस्तुरी बाई ने अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से जिस जमीन पर उनका परिवार रह रहा था, उसका कोई पक्का दस्तावेज नहीं होने से हमेशा चिंता बनी रहती थी।

अब शासन की योजना से उन्हें जमीन का अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि अब जरूरत पडऩे पर वे बैंक से ऋण लेकर अपने घर और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी। इसके लिए उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी प्रकार उचईपुर निवासी श्री रूपचंद को भी स्वामित्व योजना के तहत जमीन का अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने शासन की इस योजना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि तहसील कुमरदा अंतर्गत स्वामित्व योजना के माध्यम से अब तक 58 नागरिकों को अधिकार अभिलेख पत्र वितरित किया जा चुका है। इससे ग्रामीणों को अपनी आबादी भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त हो रहा है, साथ ही संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना तथा ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। भारत शासन के निर्देशानुसार स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि का स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा ग्रामों में आबादी भूमि का चिन्हांकन किया गया।

इसके अनुरूप सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन सर्वे कर नक्शे तैयार किए गए। राजस्व विभाग ने भूमि स्वामियों के कब्जे का चिन्हांकन कर दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण की। इसके बाद अंतिम नक्शा तैयार कर स्वामित्व अधिकार पत्र जारी किए गए, जिससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हो सका। स्वामित्व योजना ग्रामीणों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। अब गांवों में रहने वाले लोग अपनी जमीन के पक्के दस्तावेजों के साथ आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना महसूस कर रहे हैं।