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Bengal Election 2026: अमित शाह का 12 साल पुराना प्लान हिट! 2014 में ही लिख दी थी पश्चिम बंगाल की जीत की स्क्रिप्ट’

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West Bengal Election Results 2026:

पश्चिम बंगाल में BJP की जीत की स्क्रिप्ट किसने लिखी? कैसे टूटा ममता का किला? अमित शाह की वो मास्टर स्ट्रैटजी क्या थी? 2014 से 2026 तक कैसे तैयार हुआ BJP का प्लान, जानें इनसाइड स्टोरी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सत्ताधारी टीएमसी के साथ खेला कर दिया है. राज्य की 294 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है और रुझानों में बीजेपी को बहुमत मिल चुका है. ताजा आंकड़े तो यही गवाही दे रहे हैं कि इस बार पश्चिम बंगाल में इतिहास रचने जा रहा है. जिस किले को बीजेपी सालों तक नहीं भेद पाई, वो अब ढहता नजर आ रहा है.

लेकिन बीजेपी के हिस्से ये जीत अचानक नहीं आई है. इसके पीछे बीजेपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले अमित शाह की लंबी प्लानिंग और सटीक रणनीति है. इसकी नींव 2014 लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद ही रख दी गई थी और करीब 12 साल बाद अब उस मेहनत का असर साफ दिख रहा है.

2014 में ही तय हुआ था लक्ष्य 

2014 में जब अमित शाह यूपी के प्रभारी थे और पार्टी को वहां शानदार जीत मिली थी. इस जीत के बाद हुई पहली बैठक में ही उन्होंने कहा था कि पार्टी का अगला बड़ा लक्ष्य पश्चिम बंगाल को जीतना है.

बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की ये शानदार जीत कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि पिछले 12 वर्षों की सोची-समझी रणनीति और कड़ी मेहनत का नतीजा है.

उन्होंने 2014 में मिली लोकसभा चुनाव की जीत का जिक्र करते हुए पार्टी की इनसाइड डिटेल बताईं.

उस वक्त के गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी उस मीटिंग में थे. उस मीटिंग में 2019 के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई थी. तब पार्टी ने ओडिशा और बंगाल को अगली जीत के लिए टारगेट के रूप में चुना था.

सुधांशु त्रिवेदी ने उस मीटिंग का जिक्र करते हुए कहा कि खुद राजनाथ सिंह ने उन्हें ये बात बताई थी.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘2014 में की उस मीटिंग में ये चर्चा हुई थी कि पार्टी अब किन राज्यों में सीटें बढ़ा सकती है. और वो दो राज्यों थे उड़ीसा और बंगाल. मीटिंग में ये तय हुआ कि इन राज्यों में बहुत मेहनत करनी होगी. यह बात मुझे स्वयं राजनाथ सिंह जी ने बताई थी.’

2011 से अब तक पश्चिम बंगाल में बीजेपी का क्या हाल रहा

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2011 के चुनाव में बीजेपी बंगाल से पूरी तरह गायब थी. 2016 में पार्टी ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की और तब पार्टी को मनोबल पढ़ा. इस साल बीजेपी को 10% वोट मिले. इसके बाद 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 77 सीटों और 38% (करीब 40%) वोट शेयर तक पहुंच गया.

अमित शाह की 18 घंटे वाली वो रणनीति…

एबीपी न्यूज़ की वरिष्ठ पत्रकार और पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद ने बताया कि खुद अमित शाह ने बंगाल में जीत की स्क्रिप्ट कैसे लिखी.

वो कहती हैं, ‘पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक बढ़त के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक गहरी और विस्तृत रणनीति रही है. इस जीत की स्क्रिप्ट लिखने के लिए अमित शाह और उनकी टीम ने जमीन पर उतरकर काम किया.

आपको बता दें कि जब अमित शाह ने घोषणा की कि वे 15 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे, तो इस पर काफी राजनीतिक बवाल हुआ. इस पर टीएमसी ने सवाल भी उठाए कि क्या बीजेपी की हालत इतनी खराब है कि देश के गृह मंत्री को इतने दिनों तक एक ही राज्य में बैठना पड़ रहा है।

मेघा प्रसाद का कहना है कि उन्होंने खुद देखा है कि पार्टी ने 24 में से 18 घंटे रणनीति पर काम किया है. वो कहती हैं, ‘इस चुनाव में अमित शाह ने केवल प्रचार के लिए नहीं बल्कि ठोस रणनीति बनाने के लिए रुके थे. वे दिन के 24 घंटों में से 18 घंटे से ज्यादा का समय रणनीति तैयार करने में बिताते थे. उनकी यह योजना इतनी विस्तृत थी कि उनके पास हर एक बूथ की बारीक से बारीक जानकारी उपलब्ध थी. उन 15 दिनों में उन्होंने न केवल प्रचार किया, बल्कि एक ऐसा फुलप्रूफ प्लान बनाया जिसने चुनाव का रुख बदल दिया.’

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने सालों पहले से अपने भरोसेमंद लोगों की कोर टीम बनाई जिसने ग्राउंड पर जाकर काम किया मेघा प्रसाद ने उस टीम का जिक्र करते हुए कहा-

  • भूपेंद्र यादव पश्चिम बंगाल में पिछले सितंबर से लगातार बंगाल में डेरा डाले हुए थे.
  • सुनील बंसल को इस चुनाव का विशेष इंचार्ज बनाया गया था.
  • अमित मालवीय पिछले पांच सालों से बंगाल में डटकर काम कर रहे थे
  • लोकल और सेंट्रल टीम का तालमेल बहुत ही जबरदस्त रहा.
  • अमित शाह के नेतृत्व वाली इस केंद्रीय टीम और शुभेंदु अधिकारी सहित बंगाल की स्थानीय टीम के बीच एक शानदार तालमेल बना. इस टीम वर्क और अमित शाह की रणनीति ने वो परिणाम दिखाया जिसकी उम्मीद कई लोग नहीं कर रहे थे.

वहीं, ये भी कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में जीत का सपना सबसे पहले पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देखा था.

वरिष्ठ पत्रकार दिबांग ने उस वक्त का जिक्र करते हुए बताया, ‘1980 में एक बड़ा अधिवेशन हुआ. उसमें अटल बिहारी ने कहा था कि अरब सागर से गंगा सागर तक कमल खिलेगा. ऐसी उनकी कल्पना था. 1980 की वो बात आज सच होती दिख रही है.’

आपको बता दें कि खबर लिखे जाने तक (दोपहर 2 बजे) के रुझानों में बीजेपी 193 सीटों के आंकड़े को पार करती दिख रही है. वहीं, टीएमसी 94 सीटों पर लीड कर रही है.