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LPG संकट पर संसद में हंगामा, विपक्ष का प्रदर्शन; राउत बोले- ट्रंप से नहीं, विपक्ष से करें बात पीएम मोदी…

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देश में एलपीजी संकट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच गैस आपूर्ति पर असर की आशंका को लेकर विपक्ष ने संसद में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए.

सर्वदलीय बैठक से पहले बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध जताते हुए एलपीजी की किल्लत को बड़ा मुद्दा बताया. विपक्ष का कहना है कि सरकार इस संकट से निपटने में विफल रही है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सरकार पर उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं. उन्होंने कहा कि लोग एलपीजी की कमी से जूझ रहे हैं और विपक्ष चाहता है कि इसका समाधान जल्द किया जाए.

राउत का बयान ट्रंप से नहीं, विपक्ष से करें बात

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “ट्रंप से ज्यादा जरूरी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां विपक्ष के नेताओं से बात करें.”

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर पहल हो रही है और पाकिस्तान तक मध्यस्थता के लिए तैयार है.

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार के दावों को खारिज करते हुए कहा,”भाजपा झूठ बोल रही है कि सब कुछ ठीक है. आप कहीं भी जाइए, वहां एलपीजी का संकट बना हुआ है. नवरात्रि एवं ईद के समय लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. इसलिए हम संसद परिसर में इसके किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.”

विपक्ष का एकजुट प्रदर्शन

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई दलों के सांसद शामिल हुए. सांसदों ने ‘एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस’ लिखे बैनर के साथ प्रदर्शन किया और ‘मोदी जी, एलपीजी’ के नारे लगाए.

आज होगी सर्वदलीय बैठक

पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर सरकार ने आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है. विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है.

पीएम मोदी ने बताया वैश्विक संकट का असर

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है.

उन्होंने कहा,”इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं. इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है.”

उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका सरकार की प्राथमिकता है और भारत कूटनीति के जरिए शांति बहाली का प्रयास कर रहा है.