Kerala Assembly Elections 2026: विधानसभा चुनाव 2026 का शेड्यूल सामने आते ही पूरे देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के लिए मतदान की तारीखों का ऐलान कर दिया है।
क्या ये चुनाव देश की राजनीति की दिशा बदल देंगे? कब और कहां होंगे चुनाव? जानिए पूरा शेड्यूल इस बार चुनाव कई चरणों में होंगे, जिससे मुकाबला और दिलचस्प बन गया है।
- 9 अप्रैल: असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग
- 23 अप्रैल: तमिलनाडु में मतदान
- 23 और 29 अप्रैल: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग
- 4 मई: सभी राज्यों के नतीजे घोषित होंगे
यह शेड्यूल साफ दिखाता है कि चुनाव आयोग ने रणनीतिक तरीके से तारीखें तय की हैं। क्या इससे किसी खास पार्टी को फायदा मिलेगा? क्या BJP की 39 उम्मीदवारों की लिस्ट से बदलेगा केरल का समीकरण?
चुनाव के बीच सबसे बड़ी खबर यह है कि BJP ने केरल के लिए 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस कदम को पार्टी की आक्रामक रणनीति माना जा रहा है। केरल में पारंपरिक रूप से BJP की पकड़ कमजोर रही है, लेकिन इस बार पार्टी पूरी ताकत से मैदान में उतरती दिख रही है। क्या यह दांव सफल होगा या फिर सियासी समीकरण पहले जैसे ही रहेंगे?
क्या पिनाराई विजयन फिर से जीत दर्ज कर पाएंगे?
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मदम सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नेतृत्व में पिछली सरकार ने मजबूत पकड़ बनाई थी। अब बड़ा सवाल यह है-क्या वे एक बार फिर अपनी सीट बचा पाएंगे या इस बार विपक्ष उन्हें कड़ी टक्कर देगा?
क्या 800+ सीटों पर मुकाबला बनेगा ‘महासंग्राम’?
इन चुनावों में 800 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिसमें लाखों मतदाता हिस्सा लेंगे। यह चुनाव सिर्फ राज्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां दोनों ही अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं। हर राज्य में अलग-अलग मुद्दे हैं-कहीं विकास, कहीं बेरोजगारी, तो कहीं स्थानीय राजनीति हावी है।
किस राज्य में हो सकता है सबसे बड़ा उलटफेर?
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। क्या जनता इस बार नया फैसला सुनाएगी या पुराने समीकरण ही कायम रहेंगे? इन तीनों राज्यों में भाजपा सत्ता के सिंहासन पर बैठने के लिए काफी सालों से आतुर दिख रही है। खासकर केरल और पश्चिम बंगाल में तो बीजेपी ने अपनी सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है।
क्या यह चुनाव बनेगा ‘पावर टेस्ट 2026’?
विधानसभा चुनाव 2026 सिर्फ राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे देश की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। BJP की नई उम्मीदवार लिस्ट, बड़े नेताओं के नामांकन और चुनाव आयोग की टाइमिंग-सब कुछ मिलकर इस चुनाव को बेहद खास बना रहे हैं। अब नजरें 9 अप्रैल से शुरू होने वाली वोटिंग पर हैं।
क्या चुनावी रणनीतियां बदल देंगी नतीजे?
चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सभी पार्टियों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। रैलियां, रोड शो, सोशल मीडिया कैंपेन-हर जगह चुनावी माहौल नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार डिजिटल कैंपेन और ग्राउंड कनेक्ट दोनों ही अहम भूमिका निभाएंगे।



