ईरान को मिसाइलों की ताकत के लिए जाना जाता है, लेकिन अब ड्रोन भी उसकी ताकत बन गए हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस पर हमले इस पर मुहर लगा रहे हैं. हालिया उदाहरण दुबई का है. ईरान ने दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया है.
हमले में चार लोग घायल हुए हैं.
दुबई में दो ईरानी ड्रोन को गिराने की पुष्टि भी हुई है. ईरान को यह बात समझ आ गई कि मिसाइल महंगा सौदा है और ड्रोन कम खर्च में लम्बे समय तक निगरानी और हमला दोनों कर सकते हैं. यही वजह है कि ईरान अब दुनिया को ड्रोन की ताकत दिखा रहा है.हालांकि, ईरान तमाम कोशिशों के बाद भी दुनिया का सबसे पावरफुल ड्रोन नहीं बना पाया है.
दुनिया का सबसे पावरफुल ड्रोन फिलहाल अमेरिका के पास है. इसका नाम है MQ-9 रीपर. पहली बार इसने 2001 में उड़ान भरी थी और 2007 में अमेरिकी एयरफोर्स में इसकी एंट्री हुई. इसे लगातार अपग्रेड किया गया है, यही वजह है कि इसकी गिनती दुनिया के सबसे पावरफुल ड्रोन में की जाती है.
गिनते रह जाएंगे MQ-9 रीपर की खूबियां
27 घंटे की लम्बी उड़ान: MQ-9 रीपर को अपनी लम्बी उड़ान के लिए जाना जाता है. यह 27 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम है.
1700 किलो भार उठाता है: यह ड्रोन 1700 किलो तक हथियार, बम और मिसाइल उठा सकता है. यही वजह कि जंग में यह गेम चेंजर साबित हो सकता है.
इतने काम का ड्रोन: MQ-9 रीपर ड्रोन का इस्तेमाल सिर्फ इंटेलिजेंस और सर्विलांस के लिए ही नहीं, सटीक हमला करने के लिए भी जाना जाता है.
एक साथ कई हथियार: यह ड्रोन एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है, इसकी यह खूबी भी इसे पावरफुल ड्रोन में सबसे आगे ले जाकर खड़ा कर देती है.
4 मिसाइलें और 227 किलो बम: एमक्यू-9 रीपर ड्रोन की बाहरी हथियार ले जाने की क्षमता एक टन से अधिक है. यह एक मिशन पर चार हेलफायर मिसाइलों के साथ-साथ दो 227 किलोग्राम के बम ले जा सकता है.
ड्रोन में क्या-क्या है?
यह ड्रोन सेंसर, हथियारों को ऑपरेट करने वाला सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन, प्रीडेक्टर प्राइमरी सैटेलाइट लिंक से जुड़ा हुआ है. यह प्रीडेटर से बड़ा और अधिक शक्तिशाली है और एक निश्चित समय में टार्गेट को निशाना बनाता है.
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, MQ-9 रीपर में ‘M’ का अर्थ मल्टीरोल यानी यह कई तरह की भूमिका निभाता है. वहीं ‘Q’ का मतलब रिमोट से ऑपरेट होने वाला एयरक्राफ्ट सिस्टम है. इसके नाम में लगे 9 का मतलब है, रिमोट से ऑपरेट होने वाले एयरक्राफ्ट सिस्टम का नौंवा रूप है.
हंटर-किलर ड्रोन
MQ-9 रीपर को हंटर-किलर ड्रोन भी कहते हैं क्योंकि इसका इस्तेमाल सर्विलांस और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए होता है. इसके साथ ही यह मिसाइल, बम और दूसरे हथियारों के साथ अटैक भी करता है. इसके सेंसर और दूसरे सिस्टम टार्गेट पर सटीक हमला करने में मदद करते हैं. यही वजह है कि जंग में इसका इस्तेमाल गेम चेंजर साबित हो सकता है. ईरान से जंग के बीच चर्चा है कि अमेरिका इनका इस्तेमाल हमलों में कर सकता है.



