राजनांदगांव: राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत टोल फ्री मोबाईल पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) हेल्पलाइन 1962 के माध्यम से ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदान की जा रही है।
शासन द्वारा पशु स्वास्थ्य में सुधार करने, किसानों को सहायता प्रदान करने एवं मृत्यु दर को कम करने के लिए लिए एमवीयू वाहन सेवा शुरू की गई है। इसके तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड में मोबाईल वेटनरी वेन संचालित की जा रही है। प्रत्येक एमवीयू वाहन द्वारा प्रतिदिन 3 ग्रामों के गौठानों का भ्रमण कर पशु उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण, टिकाकरण एवं औषधी वितरण की सेवाएं दी जा रही है।
ग्रामों के भ्रमण के लिए तीन माह का रोस्टर तैयार कर सभी पशु चिकित्सा संस्था एवं जिला पंचायत को सूचित किया जाता है। इसके साथ ही एमवीयू वाहन में उपलब्ध आडियो व वीडियो के माध्यम से शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। पशु पालकों को पशुओं को खुले में नहीं छोडऩे के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इसके साथ ही पालतु पशुओं के खुले में पाए जाने पर जुर्माना वसूली की जानकारी पशु पालकों को दी जा रही है। वित्तीय वर्ष में 3696 ग्रामों (पुनरावृत भ्रमण) में 35593 पशु उपचार, 84 कृत्रिम गर्भाधान, 1369 बधियाकरण, 866 टिकाकरण एवं 11247 औषधी वितरण कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।



