14-15 मार्च को इतनी देर तक बुक नहीं होंगे ट्रेन टिकट, जानें रिजर्वेशन सिस्टम में क्या हो रही दिक्कत?”
देश में हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं और इनमें से बड़ी संख्या टिकट बुकिंग के लिए रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम पर निर्भर रहती है. ऑनलाइन टिकट बुकिंग से यात्रियों को स्टेशन पर लंबी लाइनों में लगने से राहत मिलती है.
लेकिन 14 और 15 मार्च की रात ट्रेन टिकट बुक करने वालों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
दरअसल भारतीय रेलवे अपनी यात्री आरक्षण प्रणाली यानी पीआरएस में तकनीकी मेंटेनेंस करने जा रहा है. इस वजह से दिल्ली पीआरएस साइट से जुड़ी सेवाएं कुछ समय के लिए बंद रहेंगी. ऐसे में जो यात्री उस समय टिकट बुक करने की योजना बना रहे हैं. उन्हें पहले से यह जानकारी होना जरूरी है.
मेंटेनेंस की वजह से कुछ घंटे बंद रहेगा सिस्टम
रेलवे के मुताबिक पीआरएस सिस्टम को बेहतर और तेज़ बनाने के लिए समय समय पर तकनीकी मेंटेनेंस किया जाता है. इसी प्रोसेस के तहत 14 और 15 मार्च की आधी रात के दौरान दिल्ली पीआरएस साइट पर तकनीकी काम किया जाएगा. इस दौरान सिस्टम में मौजूद फाइलों के कम्प्रेशन और दूसरे टेक्निकल अपडेट किए जाएंगे जिससे इसकी वर्किंग कैपेबिलिटी बेहतर हो सके. इस मेंटेनेंस के चलते पीआरएस सिस्टम करीब तीन घंटे तक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. यानी इस दौरान टिकट बुकिंग और रिजर्वेशन से जुड़ी सर्विल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार यह काम पहले से तय योजना के तहत किया जा रहा है और काम पूरा होते ही सिस्टम को फिर से सामान्य तौर पर चालू कर दिया जाएगा.
यह काम भी रुक जाएंगे
मेंटेनेंस के दौरान सिर्फ टिकट बुकिंग ही नहीं. बल्कि पीआरएस साइट से जुड़ी कुछ और सर्विसेज भी टेंपररी तौर पर प्रभावित रहेंगी. उदाहरण के तौर पर 139 नंबर पर मिलने वाली पीएनआर पूछताछ सर्विस इस दौरान उपलब्ध नहीं रहेगी. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक डाटा रिकॉर्ड यानी ईडीआर और दिल्ली पीआरएस से जुड़ी बाकी रिजर्वेशन सर्विसेज भी कुछ समय के लिए बंद रहेंगी. आपको बता दें कि पीआरएस सिस्टम के जरिए देश के किसी भी हिस्से से ट्रेन टिकट बुक किया जा सकता है. यही वजह है कि यह रेलवे की सबसे अहम सेवाओं में से एक माना जाता है. हालांकि रेलवे का कहना है कि यह टेंपररी बंद यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए ही किया जा रहा है. रेगुलर मेंटेनेंस के जरिए सिस्टम को तेज़ और भरोसेमंद बनाया जाता है. जिससे यात्रियों को और बेहतर सर्विस मिल सके.



