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गैस किल्लत के बीच क्या रोक लगी? भारत के कई शहरों में एलपीजी संकट’ जाने खबर…

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पश्चिम एशिया में लड़ाई जारी रहने के चलते भारत के कई शहरों में एलपीजी संकट की खबरें आने लगी हैं. एक दिन पहले गैस के दाम भी बढ़े और दूसरे दिन 10 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम कानून लागू किए जाने की खबर आई. कहा गया कि सरकार ने जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी, कालाबाजारी रोकने के साथ-साथ उचित कीमतों पर सप्लाई सुनिश्चित रखने के लिए यह फैसला लिया है.

 कुछ देर बाद एस्मा कानून लगाए जाने की खबरें फैलने लगीं. कई न्यूज चैनलों पर खबर फ्लैश हुई- ‘पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने ESMA कानून लागू किया.’ हालांकि यह सच नहीं था.

थोड़ी देर बाद कन्फ्यूजन दूर करने के लिए सरकारी सूत्रों की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया. सरकार ने कहा कि भारत में गैस वितरण को लेकर जो नोटिफिकेशन सरकार ने जारी किया है, वह ESMA कानून नहीं है. सरकार ने साफ बताया है कि एसेंशियल कमोडिटी ऐक्ट (ECA) कानून लागू किया गया है. दोनों कानून यानी ECA अलग है और ESMA कानून अलग. ऐसे में सवाल यह है कि दोनों में क्या अंतर है और कब क्या लागू होता है.

एस्मा कानून के बारे में जानिए;

”पूरा नाम- आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (Essential Services Maintenance Act)”

”उद्देश्य- सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल रोकने के लिए”

”क्षेत्र- कर्मचारी वर्ग पर सीधे लागू होता है.”

कब लगाते हैं- जब सरकार को लगे कि किसी आवश्यक सेवा जैसे बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में हड़ताल से आम जनजीवन ठप हो सकता है तब एस्मा लागू किया जाता है.

असर- सरकारी कर्मचारियों का हड़ताल करना गैरकानूनी हो जाता है. अगर वे काम न करें तो बिना वारंट गिरफ्तार किए जा सकते हैं. नहीं माने तो नौकरी से हटाए भी जा सकते हैं. जुर्माना या जेल हो सकती है.

”आवश्यक वस्तु अधिनियम के बारे में (Essential Commodities Act)”

”उद्देश्य- वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए. आम जनता को उचित मूल्य पर सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए.”

”क्षेत्र- वस्तुओं के व्यापार, उत्पादन और वितरण को लेकर व्यापारी वर्ग पर लागू होता है.”

”कब लगता है- जब किसी आवश्यक चीज जैसे अनाज, दाल, तेल, मास्क आदि की कमी होती है तो सरकार इस एक्ट के तहत स्टॉक की सीमा तय करती है और उत्पादकों के साथ व्यापारियों को कानून के दायरे में लाती है.”

”असर- नियम नहीं माना तो सामान जब्त हो सकता है और व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.”

”गैस पर बड़ी बातें- सरकार के सूत्रों के मुताबिक आवश्यक वस्तु अधिनियम इस समय गैस के ऊपर लगाया गया है. भारत में इसका मकसद यह है कि कुकिंग गैस और वेहिकल गैस की सप्लाई में आम जनता को कोई बाधा न आए. इसमें एस्मा कानून की कोई बात ही नहीं है.”

” – ESMA कानून में जरूरी वस्तुओं के ट्रांसपोर्टेशन में भी प्रतिबंध रहता है जबकि आवश्यक वस्तु अधिनियम में नहीं.”