छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार को 12वीं कक्षा के छात्र परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और पहले पेपर में भाग लिया। इस अवसर पर छात्रों और उनके अभिभावकों में उत्साह के साथ-साथ थोड़ी चिंता भी देखी गई।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से 30 से 45 मिनट पहले पहुंचें।
परीक्षा का कार्यक्रम और समय
12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। वहीं, 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा तिथियों की पहले से घोषणा की गई थी, ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। बोर्ड ने सभी केंद्रों को समय पालन और गोपनीयता के निर्देश दिए हैं, जिससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
सूरजपुर जिले में विशेष व्यवस्थाएं
सूरजपुर जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 72 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। सहायक जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह देव ने बताया कि 10वीं कक्षा में 10,053 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे, जबकि 12वीं कक्षा में 8,045 विद्यार्थी शामिल होंगे। स्वाध्यायी छात्र भी परीक्षा में भाग ले रहे हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम
सभी परीक्षा केंद्रों में पेयजल, बैठने की उचित व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर शुचिता बनाए रखने के नर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।
नकल रोकने के लिए सख्त कदम
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उड़न दस्ता टीम का गठन किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगी। सभी केंद्राध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे बिना दबाव के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें और नियमों का पालन करें। छात्रों के लिए खास निर्देश जारी किए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। नकल के मामले में सख्त चेतावनी दी गई है।



