इससे पहले, सीएम साय ने कोरिया जिले में आयोजित तीन दिवसीय भव्य कोरिया महोत्सव का शुभारंभ किया. 17 से 19 फरवरी 2026 तक चलने वाले कोरिया महोत्सव का आयोजन शासकीय रामानुज हायर सेकेंडरी स्कूल के मिनी स्टेडियम में किया गया है. इस अवसर पर सीएम साय ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया.
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर शहर में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बिल्कुल अलग अंदाज देखने मिला, जहां प्रदर्शनी के दौरान सीएम साय ने कुम्हार के चाक पर खुद मिट्टी से दीया और कलश बनाया. सीएम साय खुद घूमते चाक पर अपने हाथों से मिट्टी को आकार देते हुए तस्वीरों कैद हुए. इस दौरान सीएम ने मिट्टी कारीगर से आय, रोजगार और योजनाओं का लाभ लेने को लेकर चर्चा की.
इससे पहले, सीएम साय ने कोरिया जिले में आयोजित तीन दिवसीय भव्य कोरिया महोत्सव का शुभारंभ किया. 17 से 19 फरवरी 2026 तक चलने वाले कोरिया महोत्सव का आयोजन शासकीय रामानुज हायर सेकेंडरी स्कूल के मिनी स्टेडियम में किया गया है. इस अवसर पर सीएम साय ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया.
सोनहत के शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति के स्टॉल पर पहुंचे मुख्यमंत्री
रिपोर्ट के मुताबिक बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा विकास प्राधिकरण बैठक के दौरान सीएम साय ने सोनहत के शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति के स्टॉल पर पहुंचे और उनकी कला में रुचि दिखाते हुए घूमते चाक पर अपने हाथों से मिट्टी को आकार देना शुरू किया. इस दौरान सीएम ने कहा कि सरकार पारंपरिक शिल्प और स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
कोरिया महोत्सव में 170 से अधिक कलाकार करेंगे कला का प्रदर्शन
गौरतलब है तीन दिवसीय कोरिया महोत्सव कार्यक्रम में सीएम साय के अलावा कृषि मंत्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. अगले तीन दिनों तक चलने वाले कोरिया महोत्सव के 16 विभिन्न सत्रों में 170 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. प्रशासन द्वारा कोरिया महो्त्सव को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं.
कोरिया महोत्सव में शिल्पकारों से उनकी आय, रोजगार लेकर सीएम साय ने की चर्चा
जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा कोरिया महोत्सव
तीन दिवसीय कोरिया महोत्सव में सुआ, कर्मा, पंथी, शैला, गेड़ी, भरथरी और पंडवानी जैसे लोकनृत्यों के साथ कथक, ओडिसी, फ्यूजन वोकल, बांसुरी वादन, सैक्सोफोन वादन एवं सूफी गायन की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी. माना जा रहा है कि कोरिया महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा और विकास कार्यों को भी गति प्रदान करेगा.



