केंद्र सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके अनुसार सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के छह छंदों का गाना या बजाना अनिवार्य होगा।
सूत्रों के अनुसार, वंदे मातरम् को सभी सरकारी कार्यक्रमों और विद्यालयों में राष्ट्रगान (जन गण मन) से पहले प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, वंदे मातरम् का पूरा संस्करण खड़े होकर सुनना आवश्यक होगा। यह निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा पहली बार विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने के तहत लिया गया है। 28 जनवरी को जारी 10 पृष्ठों के आदेश में मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है, अब कई महत्वपूर्ण सरकारी और आधिकारिक अवसरों पर अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा।
यह आदेश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, विभिन्न मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है। इसके अलावा, राज्यपालों के आगमन और उनके भाषणों से पहले और बाद में भी इसे निर्धारित समय में लागू करना आवश्यक होगा। यह निर्णय वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर लिया गया है। अब किसी भी सरकारी समारोह में वंदे मातरम् के छह छंद गाना अनिवार्य होगा। पहले राष्ट्रीय गीत के गायन के लिए कोई औपचारिक नियम नहीं थे, जबकि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए पहले से ही स्पष्ट प्रोटोकॉल मौजूद हैं।
मंत्रालय के अनुसार, जब ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा, तो पहले राष्ट्रीय गीत गाया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। हालांकि, यदि राष्ट्रीय गीत किसी समाचार फिल्म या वृत्तचित्र में बजता है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इससे प्रदर्शन में बाधा आ सकती है।



