छत्तीसगढ़ सरायपाली अंचल में बजट 2026 को लेकर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई. कुछ लोगों ने स्वास्थ्य, गर्ल्स हॉस्टल और रोजगार से जुड़े फैसलों को सराहा, जबकि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने और वर्षों पुरानी रायपुर-बरगढ़ रेल लाइन को शामिल न किए जाने पर नाराजगी जताई गई. कुल मिलाकर बजट पर उम्मीद और निराशा दोनों की तस्वीर सामने आई.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली अंचल में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर आम नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. बजट को लेकर लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दी. कुछ लोगों ने इसे निराशाजनक बताया, वहीं कई वर्गों ने इसे देश के विकास की दिशा में सकारात्मक कदम माना है. खासतौर पर लंबे समय से लंबित रायपुर-बरगढ़ रेल लाइन को बजट में शामिल नहीं किए जाने पर क्षेत्रवासियों में निराशा देखी गई.
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
सरायपाली के कमल किशोर अग्रवाल ने बजट पर असंतोष जताते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह निराशाजनक है. उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली. साथ ही महासमुंद जिले की वर्षों पुरानी मांग रायपुर-बरगढ़ रेल लाइन को बजट में शामिल नहीं किया जाना क्षेत्र के लोगों के लिए निराशाजनक है. कैंसर की दवाइयों में छूट को लेकर उन्होंने कहा कि इन दवाइयों पर पहले से ही टैक्स नहीं लगना चाहिए था, अब छूट देकर केवल वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया है.
छात्राओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे
चैम्बर ऑफ कॉमर्स सरायपाली के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बजट को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है. तीन आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा और कैंसर की दवाइयों में छूट जैसे निर्णय स्वागत योग्य हैं. उन्होंने कहा कि हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की योजना से छात्राओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे. रोजगार और कृषि क्षेत्र पर भी ध्यान दिया गया है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.



