डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला इकाई राजनांदगांव ने शिक्षक (एलबी) संवर्ग की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एवं संचालक डीपीआई के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष गोपी वर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर पी.पी. शर्मा एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के माध्यम से प्रस्तुत किया।
जिलाध्यक्ष गोपी वर्मा ने बताया कि डब्ल्यूपीएस 2257/2021 सहित अन्य याचिकाओं में माननीय उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है और यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि संविलियन से पूर्व दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही सेवा की निरंतरता, कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के तहत समानता के सिद्धांतों को ध्यान में रखना अनिवार्य है। इस निर्णय से शिक्षक एलबी संवर्ग में उत्साह का माहौल है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण होने पर 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान किया जाए। इसके अलावा सहायक शिक्षक एवं केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखने वाले शिक्षकों के लिए एनसीटीई के नियमानुसार 6 माह का बीएड ब्रिज कोर्स शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
इसके साथ ही स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप से ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय बायोमैट्रिक (पंच मशीन) से उपस्थिति दर्ज करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यदु, जिला संयोजक शरद शुक्ला, उपाध्यक्ष बृजेश वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष हंसकुमार मेश्राम, जिला प्रवक्ता मनोज वर्मा, जिला महासचिव संदीप साहू, किशन देशमुख, ब्लॉक सचिव नीलमणि साहू, माधो साहू, दिनेश द्विवेदी, रोहित चावरे सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।



