संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि यह सत्र देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर ले जाने में एक अहम भूमिका निभाएगा.
मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार इस समय ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है और अब उसका फोकस लंबे समय से अटके मुद्दों के तात्कालिक नहीं, बल्कि स्थायी और दूरगामी समाधान पर है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब उस दौर में पहुंच चुका है, जहां सुधार सिर्फ नीतियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर असर दिखा रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि संसद में होने वाली चर्चा देश के भविष्य की दिशा तय करने में मददगार साबित होगी.
पीएम मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा कि यह भाषण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं की झलक है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने बहुत सरल और स्पष्ट शब्दों में सांसदों से अपेक्षाएं रखी हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी सांसद इन बातों को गंभीरता से लेंगे.
उन्होंने ये भी याद दिलाया कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब देश एक अहम मोड़ पर खड़ा है. आने वाले 25 साल भारत की दिशा, उसकी आर्थिक ताकत और वैश्विक भूमिका को तय करेंगे. ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक साझा राष्ट्रीय संकल्प है, पीएम मोदी ने कहा.
प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी सराहना की और कहा कि वह देश की पहली वित्त मंत्री हैं, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं. पीएम मोदी ने इसे भारत के संसदीय इतिहास का एक गौरवपूर्ण क्षण बताया.
पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हो रही प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि यह समझौता एक महत्वाकांक्षी और आत्मविश्वासी भारत की तस्वीर पेश करता है. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे और देश के निर्माता वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर पाएंगे.



