Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस और बलिदान की पहचान बनेगा रजत जयंती पदक…

छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस और बलिदान की पहचान बनेगा रजत जयंती पदक…

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छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में छत्तीसगढ़ पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को सम्मान देने के लिए रजत जयंती पदक का अनावरण किया गया।

छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में छत्तीसगढ़ पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को सम्मान देने के लिए रजत जयंती पदक का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में इस विशेष पदक का विमोचन करते हुए कहा कि यह पदक छत्तीसगढ़ पुलिस की 25 वर्षों की गौरवशाली सेवा का स्थायी प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई दशकों में छत्तीसगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ-साथ नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस और समर्पण का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान भी दिया है। रजत जयंती पदक उन्हीं वीरों के सम्मान और उनके योगदान की याद के रूप में दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी। उसी घोषणा के तहत अब इस पदक का औपचारिक अनावरण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। पदक गोल आकार का और चांदी के रंग का होगा। इसके अगले हिस्से में साल वृक्ष और पीछे की ओर पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित रहेगा। इसे रिबन के साथ वर्दी की बाईं ओर जेब के ऊपर धारण किया जाएगा। यह पदक अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सेवा एवं वीरता पदकों के बाद वरीयता क्रम में लगाया जाएगा।

पदक में दर्शाया गया पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता और टीम भावना का प्रतीक है, जबकि साल वृक्ष मजबूती, धैर्य, दीर्घकालिक सेवा और समाज की रक्षा का संदेश देता है। बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की तरह यह पदक भी छत्तीसगढ़ पुलिस की सेवा, समर्पण और प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। रजत जयंती पदक को छत्तीसगढ़ पुलिस की 25 वर्षों की संघर्षपूर्ण, साहसिक और समर्पित यात्रा का प्रतीक माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।