Home छत्तीसगढ़ RAJNANDGAON डोंगरगांव उपडाकघर में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा नहीं फहराया, ताला लटका रहा

डोंगरगांव उपडाकघर में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा नहीं फहराया, ताला लटका रहा

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डोंगरगांव। नगर के उपडाकघर में एक बार फिर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला सामने आया है। जहां एक ओर देश भर में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, वहीं डोंगरगांव स्थित उपडाकघर में अधिकारियों की उदासीनता के कारण तिरंगा नहीं फहराया गया। यहां तक कि उपडाकघर में ताला लटका रहा और राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर किसी भी प्रकार की आधिकारिक गतिविधि नहीं हुई।

इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ नगर के गणमान्य नागरिक, नगर पंचायत अध्यक्ष, प्रेस क्लब के सदस्य और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इनकी शिकायत पर तहसीलदार कमलकिशोर साहू और उनकी टीम ने मौके का मुआयना किया और उच्च कार्यालय को पंचनामा भेजकर आगे की कार्यवाही की सिफारिश की।

पिछले वर्ष भी था ध्वज का अपमान
यह पहली बार नहीं है जब उपडाकघर में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हुआ हो। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर भी उपडाकपाल सीताराम देवांगन ने जर्जर टेलीफोन पोल पर तिरंगा फहराने की गलती की थी, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस बार फिर वही अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की कोई व्यवस्था नहीं की। इस मामले में तहसीलदार ने पुष्टि की है कि उपडाकघर में तिरंगा नहीं फहराया गया था।

नगर पंचायत अध्यक्ष का विरोध
नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय पर्व और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करार दिया और कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से देशवासियों में गलत संदेश जाता है।

सरकारी आदेशों का उल्लंघन
गौरतलब है कि सरकारी आदेशों के अनुसार 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और डाकघरों में तिरंगा फहराना अनिवार्य है। इस आदेश का उल्लंघन करना न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह देशभक्ति के प्रतीक का भी अपमान है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मामले में स्थानीय प्रेस क्लब द्वारा भी अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगांव को आवेदन दिया गया है, ताकि उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही से बचा जा सके।