डोंगरगढ़। कांग्रेस पार्टी ने धान खरीदी में हो रही अव्यवस्थाओं और किसानों के संघर्ष को लेकर तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने ज्ञापन सौंपकर भाजपा सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई और उनकी तरफ से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।
कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए कहा, “किसानों की आत्महत्या, धान खरीदी में अव्यवस्था, बिजली बिलों का भारी बोझ, बेरोजगारी भत्ता और रोजगार संकट सभी समस्याएं मोदी सरकार की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की नाकामी का परिणाम हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी का दावा किया था, लेकिन अब तक प्रदेश में समय पर धान खरीदी शुरू नहीं हो पाई। भाजपा ने 21 क्विंटल और 3100 रुपये समर्थन मूल्य का वादा किया था, लेकिन किसान आज भी अपने हक से वंचित महसूस कर रहे हैं।
पूर्व जिला अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि किसानों के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश चल रही है। उन्होंने कहा, “टोकन कटवाने से लेकर धान मंडी तक हर कदम पर किसानों को पैसे देने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही है।”
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर उन्हें अन्नदाता कहती है, लेकिन दूसरी ओर उन्हें आत्महत्या की कगार पर छोड़ रही है। उनका कहना था कि उन्हें खाद के समय खाद नहीं मिली और अब जब फसल तैयार हो गई है, तो धान सत्यापन और रकबा समर्पण के नाम पर खरीदी रोकी जा रही है। किसानों ने सिर्फ अपना धान बेचने का अधिकार मांगा, न कि किसी तरह की कीमत बढ़ाने या उत्पादन बढ़ाने की कोई मांग की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, और इस मुद्दे पर सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील की।



